कोटद्वार । आज गणेश चतुर्थी है इसी दिन भगवान गणेश जी का जन्म हुआ था ।आज देश भर में गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है ।कोरोना महामारी के चलते इस बार गणपति सार्वजनिक रूप पंडालों में विराजमान नही किया गया है किंतु लोगों द्वारा घरो पर गणपति को विराजमान किया गया है । शास्त्रों के अनुसार भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी आज भगवान गणेश का उत्सव भारत के कई इलाकों में 10 दिनों तक मनाया जाएगा ।आज घर-घर गणपति बप्पा पधारेंगे ।घरो में गणेशजी को आरती, कथा, मंत्र, भजन से स्वागत किया जाएगा । इस अवसर पर भक्त गणपति को घर लाकर विराजमान करने से लेकर उनके विसर्जन को भी धूमधाम से करते है ।

सिद्धबली धाम के मुख्य पुजारी के के दुतपुडी ने बताया कि गणेश उत्सव भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दशी तक यानी दस दिनों तक चलता है, इसके बाद चतुर्दशी को इनका विसर्जन किया जाता है । हिंदू धर्म में भगवान गणेश को अत्यंत ही पूजनीय माना जाता है । शास्त्रों के अनुसार, गणेश जी का नाम किसी भी कार्य के लिए पहले पूज्य है, इसलिए इन्हें ‘प्रथमपूज्य’ भी कहते हैं । वह गणों के स्वामी भी हैं, इसलिए उनका एक नाम गणपति भी है । इसके अलावा हाथी जैसा सिर होने के कारण उन्हें गजानन भी कहा जाता है ।




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