गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधा और सड़कों के अभाव के लिए उदाहरण बनता जा रहा है। आय दिन किसी न किसी गांव से खबर आती रहती है कि ग्रामीण मरीज को कंधे पर लाद कर पैदल की सड़क मार्ग तक लाये। इसके बाद भी सरकार यहां की सुध नहीं ले रही है जो एक चिंताजनक विषय है।
मंगलवार को जोशीमठ विकास खंड के पोखनी गांव से एक अनाथ बच्चा जो कि काफी लंबे समय से बीमार चल रहा था उसे ग्रामीण कुर्सी की पालकी बनाकर कर आठ किमी पैदल चल कर सड़क मार्ग तक लाये जहां से एक निजी वाहन से स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। जहां अब उसकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।
बाल कल्याण समिति चमोली में कार्यरत अनिल बिष्ट ने बताया कि मंगलवार को कुछ अनाथ बच्चों की सर्वे करने के लिए लाजी पोखनी गांव गये थे। ग्रामीणों ने उन्हें एक और अनाथ बच्चे शुभम सेमवाल के बारें मे जानकारी दी। जब वे उस बच्चे के घर पहुंचे तो पता चला कि वह एक लंबे समय से बीमार चल रहा है। बच्चे की स्थिति काफी दयनीय बनी हुई थी।
जिस पर उन्होंने ग्राम प्रधान बद्री भंडारी, अवतार सिंह, राजेंद्र सिंह, राकेश, सूरज, नारायण सिंह, विपिन कुंवर आदि की मदद से बच्चे को आठ किलोमीटर पालकी में लाद कर सड़क मार्ग तक पहुंचाया जहां से वे बच्चे को अपनी निजी वाहन से पीपलकोटी स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है। बताया कि अब उसकी स्थिति में काफी सुधार आ रहा है। डाक्टरों ने कुछ दिन और इसके अस्पताल में रखने की सलाह दी है।
बताया कि शुभम कक्षा दस में जोशीमठ में पढ़ रहा है। इसके माता पिता नहीं है दादी के साथ गांव में रहता है। दादी को समाज कल्याण विभाग से वृद्धा पेंशन मिलती है उसी के सहारे दोनों का जीवन यापन हो रहा है।





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