अल्मोड़ा : उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले के रहने वाले धर्मेंद्र बिष्ट के मॉरीशस में अचानक लापता होने से परिवार की चिंता बढ़ गई है। धर्मेंद्र मार्च 2025 से मॉरीशस में नौकरी कर रहे थे और वहां एक रेस्तरां में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। परिजनों ने उनके गायब होने की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए किसी साजिश की आशंका जताई है।
जानकारी के मुताबिक धर्मेंद्र बिष्ट 27 सितंबर 2026 की शाम से लापता हैं। परिवार को अगले दिन उनके गायब होने की सूचना मिली। धर्मेंद्र की बहन हेमा रौतेला का दावा है कि घटना वाले दिन कुछ युवक उनके भाई से मिलने पहुंचे थे और बाद में उन्हें अपने साथ समुद्र किनारे ले गए।
चार युवकों पर परिवार ने जताया शक
हेमा रौतेला के मुताबिक धर्मेंद्र को चार युवक पॉइंट नेचुरल नामक समुद्र तट की ओर ले गए थे। परिवार ने इन युवकों की पहचान आयुष बिष्ट, गौरव मेहता, भूपेंद्र राणा और राहुल राणा के रूप में बताई है।
परिवार का कहना है कि धर्मेंद्र इन लोगों में केवल आयुष बिष्ट को जानते थे, जबकि बाकी लोगों से उनकी ज्यादा पहचान नहीं थी। परिजनों के मुताबिक इसके बाद धर्मेंद्र का कोई पता नहीं चला।
मामले को लेकर परिवार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि धर्मेंद्र का मोबाइल फोन और कुछ कपड़े कथित तौर पर आयुष बिष्ट के पास से मिले हैं। इसी आधार पर परिजन पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की मांग कर रहे हैं।
वीडियो मिलने के बाद बढ़ा संदेह
धर्मेंद्र की बहन का कहना है कि परिवार को एक वीडियो भी मिला है। परिजनों को आशंका है कि वीडियो और घटनाक्रम की जांच से उनके भाई के लापता होने की असली वजह सामने आ सकती है।
हालांकि, धर्मेंद्र के साथ वास्तव में क्या हुआ, इसकी अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। परिवार इसे महज हादसा मानने को तैयार नहीं है और पूरे मामले में आपराधिक साजिश की जांच चाहता है।
रेस्तरां प्रबंधन पर भी उठाए सवाल
परिजनों ने मॉरीशस में धर्मेंद्र के कार्यस्थल के प्रबंधन पर भी सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। हेमा रौतेला का कहना है कि कंपनी की ओर से परिवार को घटना के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
परिवार यह भी जानना चाहता है कि मॉरीशस पुलिस ने मामले में क्या कार्रवाई की है और क्या औपचारिक रिपोर्ट दर्ज की गई है।
अजय टम्टा ने विदेश मंत्रालय से मांगी मदद
मामला सामने आने के बाद धर्मेंद्र बिष्ट के परिजनों ने अल्मोड़ा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा से संपर्क किया। परिवार की शिकायत के बाद अजय टम्टा के कार्यालय ने विदेश मंत्रालय और मॉरीशस स्थित भारतीय उच्चायोग से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
अजय टम्टा के अनुसार, विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन मॉरीशस के स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र की तलाश में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और यदि मामले में कोई आपराधिक पहलू सामने आता है तो उसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
फिलहाल धर्मेंद्र बिष्ट का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिवार लगातार सरकार से मॉरीशस प्रशासन के साथ समन्वय कर जल्द से जल्द धर्मेंद्र का पता लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहा है।






