कोटद्वार (शैलेन्द्र सिंह) : पूरे देश में इस समय कोरोना महामारी का प्रकोप जारी है । जिसको मध्यनजर रखते हुए सोमवार को शहर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है ।बहनें अपने भाइयों को राखी बांधकर रक्षाबंधन का पावन त्योहार मना रही हैं। वहीं, भाई भी बहनों को शुभकामनाओं के साथ दक्षिणा में रक्षा का वजन दे रहे हैं।जो भाई-बहन कोरोना के चलते इस बार दूर हैं, वो वीडियो कॉल, ऑडियो कॉल के जरिए एक दूजे को बधाइयाँ दे रहे है ।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, शिशुपाल राजा का वध करते समय भगवान श्री कृष्ण के बाएं हाथ से खून बहने लगा, तो द्रोपदी ने तत्काल अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनके हाथ की अंगुली पर बांध दिया। कहा जाता है कि तभी से भगवान कृष्ण द्रोपदी को अपनी बहन मानने लगे और सालों के बाद जब पांडवों ने द्रोपदी को जुए में हरा दिया और भरी सभा में जब दुशासन द्रोपदी का चीरहरण करने लगा तो भगवान कृष्ण ने भाई का फर्ज निभाते हुए उसकी लाज बचाई थी। तभी से रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाने लगा, जो आज भी जारी है। श्रावण मास की पूर्णिमा को भाई-बहन के प्यार का त्योहार रक्षाबंधन मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रावण की बहन ने भद्रा में उसे रक्षा सूत्र बांधा था, जिससे रावण का सर्वनाश हो गया था।





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