मुंबई। महाराष्ट्र में हिंदू-मुस्लिम के नाम पर विभाजन की राजनीति के खिलाफ आवाज उठाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान में प्रदर्शन किया गया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए हिंदू और मुस्लिम समुदायों से एकजुट रहने की अपील की।
दिपके ने कहा कि देश की प्रगति के लिए समाज के सभी वर्गों का मिलजुलकर रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में धर्म के नाम पर लोगों को बांटने वाली राजनीति नहीं चलनी चाहिए। उन्होंने नफरत और विभाजन की राजनीति करने वालों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी राजनीति करने वालों को देश से बाहर जाकर राजनीति करनी चाहिए।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रहा। आयोजकों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ियां हो रही हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन्हीं आरोपों को लेकर सीजेपी की ओर से विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।
आयोजकों के मुताबिक पुलिस से कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद गांधी जयंती के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग शिवाजी पार्क पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। हालांकि, मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर लगाए गए आरोप आयोजकों के दावे हैं। इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से इस प्रदर्शन के संदर्भ में कोई प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की चेतावनी
अभिजीत दिपके ने आंदोलन को महाराष्ट्र तक सीमित न रखने का संकेत देते हुए इसे देशव्यापी स्तर पर ले जाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा।दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग करने वाले नागरिकों से अभियान में शामिल होने की अपील की।
तुषार गांधी समेत कई चर्चित चेहरे पहुंचे
शिवाजी पार्क के प्रदर्शन में महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी भी शामिल हुए। उनके साथ छात्रों और आम नागरिकों ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शन को कला और फिल्म जगत से जुड़े कुछ लोगों का भी समर्थन मिला। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अभिनेत्री शबाना आजमी, फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज और हंसल मेहता तथा संगीतकार-गायक विशाल ददलानी मंच पर मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही, मतदाता सूची की पारदर्शिता और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की आवश्यकता पर जोर दिया। आयोजकों ने आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाने की बात कही।




