पौड़ी : युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने और उनमें उद्यमशीलता की सोच विकसित करने के उद्देश्य से मंगलवार को बीजीआर परिसर, पौड़ी में उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को व्यवसाय शुरू करने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम में सहायक प्रबंधक नीरज नेगी, बिजेन्द्र सिंह तथा अंकित सिंह द्वारा विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी उद्यम की सफलता के लिए बेहतर योजना, बाजार की आवश्यकता की समझ, उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग और आवश्यक कौशल महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान व्यवसायिक विचार को उद्यम में बदलने, उद्यम का पंजीकरण कराने तथा विभिन्न प्रक्रियाओं को पूरा करने के संबंध में जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को सरकार द्वारा स्वरोजगार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण में ऋण सुविधा, अनुदान, वित्तीय सहायता और उद्यम स्थापना से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। साथ ही युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार व्यवसायिक क्षेत्र चुनने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षकों ने कहा कि आज के दौर में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तलाशने के साथ-साथ स्वयं रोजगार के अवसर तैयार करना भी महत्वपूर्ण है। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों, कृषि, पर्यटन, हस्तशिल्प एवं सेवा क्षेत्र में छोटे स्तर से उद्यम शुरू कर आगे बढ़ने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उद्यमिता एवं स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। इस अवसर पर निदेशक बीजीआर परिसर उमेश चंद्र गैरोला, लीड बैंक अधिकारी किशन सिंह रावत, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना कोटद्वार से सैन सिंह राणा, प्रो. अनूप पांडे, डॉ. नीलम नेगी, डॉ. सपना रावत सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी तथा छात्र–छात्राएं उपस्थित थे।




