मंगलवार, जुलाई 28, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
28th जुलाई 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

REAP परियोजना से बदली चैतादेवी की तकदीर, पोल्ट्री फार्मिंग से बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

शेयर करें !
posted on : जुलाई 28, 2026 2:35 अपराह्न
  • टिहरी गढ़वाल के थाती गांव की महिला ने ₹75 हजार के निवेश से शुरू किया पोल्ट्री फार्म, अब अंडा, चूजे और मुर्गियों की बिक्री से हर माह हो रही नियमित आय; अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

टिहरी : जनपद के विकासखंड भिलंगना स्थित थाती गांव की निवासी चैतादेवी ने साबित कर दिया है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति, सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। REAP परियोजना की वित्तीय सहायता और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने पोल्ट्री फार्म स्थापित कर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

REAP परियोजना बनी आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला

आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार को संबल देने के उद्देश्य से चैतादेवी ने स्वरोजगार का रास्ता चुना। भैरवनाथ स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य तथा महादेव आजीविका महिला ग्राम संगठन एवं संगम स्वायत्त सहकारी (डांगी CLF) से जुड़ी चैतादेवी को REAP परियोजना के तहत ₹22,500 की वित्तीय सहायता मिली। इसके अलावा उन्होंने बैंक से ₹37,500 का ऋण लिया तथा ₹15,000 की अपनी बचत जोड़कर कुल ₹75,000 की लागत से अपने गांव में मदर यूनिट पोल्ट्री फार्म की स्थापना की।

100 मुर्गियों के फार्म से हर माह हो रही नियमित कमाई

आज चैतादेवी के पोल्ट्री फार्म में लगभग 100 मुर्गियां हैं। वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से उनके पालन-पोषण के कारण फार्म सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। उन्हें पोल्ट्री व्यवसाय से तीन प्रमुख माध्यमों से आय प्राप्त हो रही है।

फार्म में प्रति सप्ताह लगभग 400 अंडों का उत्पादन होता है, जिनकी बिक्री से उन्हें प्रतिमाह करीब ₹12,800 की आय होती है। इसके अलावा हर महीने लगभग 25 चूजों की बिक्री से ₹1,000 और स्थानीय बाजार एवं मीट विक्रेताओं को करीब 50 मुर्गियों की बिक्री से लगभग ₹10,000 की अतिरिक्त आय प्राप्त होती है।

परिवार की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत

पोल्ट्री फार्म से होने वाली नियमित आय ने चैतादेवी के परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। अब वह परिवार की जरूरतों को आसानी से पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं। पशुपालन के प्रति उनकी लगन, नियमित देखभाल और बेहतर प्रबंधन ने उनके उद्यम को सफलता दिलाई है।

ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत

चैतादेवी की सफलता से प्रेरित होकर उनके गांव और आसपास की अनेक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं।

पशुपालन विभाग ने बताए कुक्कुट पालन के लाभ

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डी.के. शर्मा ने बताया कि REAP परियोजना एवं पशुपालन विभाग के सहयोग से स्थापित पोल्ट्री फार्म ग्रामीण महिलाओं को आजीविका उपलब्ध कराने के साथ-साथ परिवारों को कम लागत में प्रोटीनयुक्त आहार भी उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में बैकयार्ड पोल्ट्री, कुक्कुट वैली तथा ब्रॉयलर फार्म जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ ग्रामीण उठा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कुक्कुट पालकों को पक्षियों के उपचार, आवश्यक औषधियां तथा प्रशिक्षण निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। टिहरी गढ़वाल में कुक्कुट पालन की अपार संभावनाएं हैं और यह आजीविका का एक अत्यंत लाभकारी व्यवसाय बनकर उभर रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से इस क्षेत्र में आगे आने और योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

महिला सशक्तिकरण की प्रेरक कहानी

चैतादेवी की सफलता केवल एक पोल्ट्री फार्म की सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका विकास की प्रेरणादायक कहानी है। REAP परियोजना के सहयोग और अपने अथक परिश्रम से उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि सही अवसर और दृढ़ संकल्प के बल पर गांव की महिलाएं भी सफलता की नई इबारत लिख सकती हैं।

 

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1-1.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • लगातार बारिश से हरिद्वार अलर्ट मोड पर, डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को दिए त्वरित राहत एवं बचाव के निर्देश
  • REAP परियोजना से बदली चैतादेवी की तकदीर, पोल्ट्री फार्मिंग से बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
  • डीएम गौरव कुमार ने कर्णप्रयाग पेयजल योजना का किया निरीक्षण, व्यक्तिगत जल कनेक्शन कार्य में तेजी के निर्देश
  • स्वच्छ, आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था के निर्माण के लिए सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
  • भारी बारिश के चलते दो दिन के लिए चारधाम यात्रा स्थगित, यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
  • मूसलाधार बारिश से उत्तराखंड बेहाल: यमुनोत्री पैदल मार्ग धंसा, दो कांवड़िए घायल, टिहरी की नौ सड़कें बंद
  • चंबा में दर्दनाक हादसा: गहरी खाई में गिरी कार, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
  • पौड़ी गढ़वाल : आंगनबाड़ी केंद्र सपलोड़ी में बच्चों की स्वास्थ्य जांच की, स्वच्छता एवं संतुलित आहार के प्रति किया जागरुक
  • यमकेश्वर में बीन नदी पर 150 मीटर डबल लेन सेतु निर्माण तेज, जल्द मिलेगी सुरक्षित आवाजाही की सौगात
  • देहरादून में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, स्कूलों में छुट्टी घोषित
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.