कोटद्वार : बीती 19 जुलाई को वादी विभाष अग्रवाल निवासी जौनपुर, कोटद्वार द्वारा कोतवाली कोटद्वार में एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसमें उनके द्वारा अंकित किया गया कि दिनांक 22 मार्च को रघुवीर नाम का व्यक्ति उनके पास आया तथा स्वयं को कोटद्वार निवासी बताते हुए आर्थिक आवश्यकता होने की बात कहकर अपनी एक अंगूठी गिरवी रखकर मेरे से 25,000 रू0 उधार ले गया तथा कुछ समय पश्चात उसने पैसे लौटाकर अपनी अंगूठी मेरे से प्राप्त कर ली, दिनांक 6 जुलाई को उक्त व्यक्ति पुनः अपने एक अन्य साथी के साथ उनकी दुकान पर आया तथा अपनी पुत्री के विवाह हेतु धन की आवश्यकता होने की बात कही। उसने कुछ सोने के पेंडल देकर उनके बदले तैयार आभूषण एवं नगद धनराशि देने का अनुरोध किया। पूर्व में कई बार लेन-देन होने तथा विश्वास स्थापित होने के कारण मेरे द्वारा उसे कुछ आभूषण तथा ₹8,00,000/- नगद धनराशि दे दी गई। बाद में जब दिए गए आभूषणों की जांच कराई गई तो ज्ञात हुआ कि रघुवीर द्वारा दिए गये आभूषण सोने के आभूषण न होकर नकली हैं। इसके उपरांत मेरे द्वारा रघुवीर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किन्तु उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला व उससे किसी भी प्रकार से संपर्क नहीं हो पाय। इस प्रार्थना पत्र के आधार पर तत्काल कोतवाली कोटद्वार में मु0अ0सं0-158/26, धारा- 318(4) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
प्रकरण की गंभीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा आम जनमानस के साथ हुई ठगी/धोखाधड़ी की घटना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही घटना का अनावरण करने व संबंधित अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी करने हेतु निर्देशित किया गया।
उक्त निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता मंमगाई के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कोटद्वार प्रदीप नेगी के नेतृत्व में ठगी की घटना के अनावरण हेतु अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा गहन जांच-पड़ताल करते हुए घटनास्थल एवं संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की गई तथा समानांतर रूप से सर्विलांस एवं पतारसी-सुरागरसी की कार्रवाई की गई। जांच के दौरान लगभग 170 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का अवलोकन किया गया। इस सम्पूर्ण कार्यवाही के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आये कि अभियुक्त गण घटना करने के लिय बस से कोटद्वार आये थे तथा घटना करने के पश्चात नजीबाबाद चले गये थे। जिसके बाद अभियुक्तों का कुछ पता नहीं चल पा रहा था।
पुलिस टीम द्वारा लगातार की गई मेहनत, सटीक सूचना, आपसी समन्वय व मुखबिर की सूचना उपरोक्त ठगी की घटना में संलिप्त राजस्थान निवासी 03 अभियुक्तों रघुवीर नायक, विक्रम भोपा व बलवीर नायक को रेलवे स्टेशन कोटद्वार से गिरफ्तार किया गया। इस दौरान पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों के पास से 06 लाख रुपये नगद व पीली धातु (सोने) की 04 चेन बरामद की। प्रकरण में प्रकाश में आये एक नामजद/वांछित अभियुक्त नीरज, निवासी- खेड़ा राजस्थान की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गिरफ्तारशुदा अभियुक्तों को मा0 न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
अभियुक्तों की कार्यप्रणाली
अभियुक्त गण मूल रूप से राजस्थान के घुमन्तू जाति के है पूछताछ में ज्ञात हुआ कि अभियुक्तगण सुनियोजित तरीके से विभिन्न स्थानों पर ज्वैलर्स को अपना निशाना बनाते थे। विश्वास जीतने के लिए वे प्रारम्भ में असली सोने की ज्वैलरी गिरवी रखकर समय-समय पर ब्याज सहित उसे छुड़ाते थे। 5-6 बार ऐसा करने के बाद जब ज्वैलर का उन पर विश्वास स्थापित हो जाता था, तब वे सोने की परत चढ़े नकली आभूषण गिरवी रखकर उसके बदले 60-70 प्रतिशत मूल्य की असली सोने की ज्वैलरी प्राप्त कर लेते थे और बाद में अपने मोबाइल फोन बंद कर फरार हो जाते थे। अभियुक्तगण द्वारा कलालघाटी क्षेत्र के एक ज्वैलर के साथ भी इसी प्रकार विश्वास स्थापित किया गया था। वे उक्त ज्वैलर को ठगी का शिकार बनाने के उद्देश्य से जा रहे थे, किन्तु पुलिस टीम द्वारा उन्हें घटना कारित करने से पूर्व ही गिरफ्तार कर लिया गया।
नाम पता अभियुक्त गण
1-रघुवीर नायक (उम्र 50 वर्ष) पुत्र स्व0 सोहन लाल निवासी- पृथ्वीपुरा खेडा, जिला- अलवर, राजस्थान
आपराधिक इतिहास रघुवीर नायक
1. मुकदमा अपराध संख्या-348/21 धारा-22 एनडीपीएस एक्ट थाना हयात नगर ,सम्भल जिला प्रदेश
2. मुकदमा अपराध संख्या- 403/20 धारा- 34, 420, 471, 486 भादवी थाना हयात नगर जिला सम्भल उत्तर प्रदेश
2-विक्रम भोपा (उम्र 35 वर्ष) पुत्र हजारी भोपा, निवासी- पृथ्वीपुरा खेडा, जिला- अलवर, राजस्थान
3-बलवीर नायक (उम्र 30 वर्ष) पुत्र हजारी लाला भोपा, निवासी- पृथ्वीपुरा खेडा, जिला- अलवर राजिस्थान
4-वांछित अभियुक्त
नीरज पुत्र हजारी भोपा निवासी- पृथ्वीपुरा खेडा,जिला- अलवर, राजस्थान
बरामद माल
1-6,00,000 रु0 नगद धनराशि
2-04 पीली धातु (सोने) की चेन



