पौड़ी : जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में 01 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के अंतर्गत 14 जुलाई को प्रकाशित आलेख्य निर्वाचक नामावली के संबंध में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुनरीक्षण प्रक्रिया, दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण तथा मतदाताओं की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की आलेख्य निर्वाचक नामावली प्रकाशित कर दी गई है। उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की कि वे नामावली का परीक्षण कर पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, संशोधन एवं त्रुटियों के संबंध में निर्धारित प्रपत्रों में दावा एवं आपत्तियां प्रस्तुत कराने में सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण कार्य को अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने के लिए प्रत्येक बीएलओ को संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का सहयोग उपलब्ध रहेगा, जिससे क्षेत्र स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची की प्रतियां बीएलओ, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों तथा सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही आलेख्य निर्वाचक नामावली जिला निर्वाचन कार्यालय, संबंधित निर्वाचन एवं सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, बीएलओ तथा जनपद की वेबसाइट पर भी अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में नामित 71 सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) विभिन्न स्थानों पर बैठकर दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई करेंगे। उनकी सूची भी राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी जाएगी, ताकि सुनवाई की प्रक्रिया पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे, वे संबंधित एईआरओ के समक्ष उपस्थित होकर सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रख सकेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि प्रकाशित निर्वाचक नामावली में किसी पात्र व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं है अथवा किसी कारणवश हट गया है, तो वह प्रारूप-6 एवं घोषणा पत्र (प्रपत्र-4) भरकर अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है। सभी दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण कर अंतिम निर्वाचक नामावली में पात्र मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज केवल उन्हीं मतदाताओं से लिए जाएंगे, जिनकी मैपिंग नहीं हुई है। जिन मतदाताओं को नोटिस दिए जाएंगे, वे सुविधा के लिए उसी समय बीएलओ को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराकर जमा कर सकते हैं अथवा संबंधित सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के समक्ष उपस्थित होकर सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रख सकते हैं। यदि इसके बाद भी किसी प्रकार की समस्या आती है तो मतदाता जिला निर्वाचन कार्यालय अथवा तहसीलों में स्थापित हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राजनीतिक दलों के साथ प्रत्येक सोमवार को नियमित बैठक आयोजित कर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा उनके सुझावों और फीडबैक के आधार पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि जिन मतदाताओं की पिछली एसआईआर से स्वयं अथवा प्रोजनी (वंशज) के रूप में मैपिंग हो चुकी है तथा जिनके डाटाबेस में कोई विसंगति नहीं है, उनसे किसी प्रकार का दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। यदि मैपिंग होने के बावजूद डाटाबेस में विसंगति पाई जाती है तो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। वहीं जिन मतदाताओं की न तो स्वयं और न ही प्रोजनी के रूप में मैपिंग हुई है, उन्हें भी आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी शांति लाल शाह, खंड शिक्षाधिकारी मास्टर आदर्श, सहायक नोडल अधिकारी (राजनीतिक दल) राजेंद्र सिंह रावत सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह राणा, एस.एस. रावत, जगमोहन सिंह नेगी, हरीश उनियाल, जगमोहन रावत, गणेश थपलियाल, जगदम्बा नैनवाल, महादेव प्रसाद बहुगुणा सहित अन्य उपस्थित रहे।



