देहरादून। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने सोमवार को टीईटी में छूट से लेकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर देहरादून की सड़कों पर प्रदर्शन कर अपनी 12 मांगों का एक ज्ञापन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दिया। संघ का कहना है कि हालिया न्यायिक आदेशों के बाद प्रदेश के हजारों शिक्षकों के सामने असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके समाधान के लिए सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए।
उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपकर आरटीई अधिनियम-2009 लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने समेत शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़ी 12 सूत्रीय मांगों के समाधान की मांग की है।
संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रदेश के लगभग 20 हजार और देशभर के लाखों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दी जाए या उनके लिए विशेष सरल परीक्षा आयोजित कर राहत प्रदान की जाए। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने, गोल्डन कार्ड की खामियां दूर करने, शिक्षा मित्रों को न्यूनतम वेतनमान देने, ऑनलाइन शिक्षण कार्यों के लिए मोबाइल रिचार्ज भत्ता उपलब्ध कराने तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने जैसी मांगें भी शामिल हैं।
संघ ने कहा कि उनकी मांगें केवल शिक्षक हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता, स्थायित्व और छात्रों के हितों से भी जुड़ी हुई हैं। सरकार से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया गया है।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र रावत, प्रदेश महामंत्री दिगंबर सिंह नेगी, किशोर जोशी, चंद्रवीर नेगी, जयदेव राणा, दीपक रावत, उत्तम फत्र्याल, करण सामंत, प्रकाश जोशी, जितेंद्र वल्दिया, मनोज तिवारी, अश्विनी चैहान, सुरेश उप्रेती, देवेंद्र चैधरी, मनोज जुगरान, विक्रम झिक्वाण आदि मौजूद रहे।



