posted on : मई 5, 2026 3:30 अपराह्न
चमोली : जनपद में अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) सहायतित ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे आजीविका के विविध अवसरों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
परियोजना के तहत अब तक जनपद में कुल 880 अति निर्धन (Ultra Poor) लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी ₹35,000 की दर से लगभग ₹3 करोड़ 8 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह सहायता लाभार्थियों को अपने उद्यम स्थापित करने एवं उनके विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को उनकी रुचि एवं स्थानीय संसाधनों के आधार पर विभिन्न आय सृजन गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इनमें डेयरी, सिलाई-कढ़ाई, ब्लैकस्मिथ (लौह शिल्प), पोल्ट्री, बकरी पालन, लघु व्यवसाय एवं अन्य स्वरोजगार गतिविधियां शामिल हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप महिलाएं अब न केवल अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
परियोजना के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता एवं सामाजिक भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। कई महिलाएं सफल उद्यमी के रूप में उभरकर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन रही हैं।
जिला परियोजना प्रबंधक शशिकांत यादव ने कहा “ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं, विशेष रूप से अति निर्धन परिवारों को सतत आजीविका के अवसरों से जोड़ना है। चमोली जनपद में महिलाओं द्वारा जिस प्रकार से इन अवसरों को अपनाकर सफल उद्यम स्थापित किए जा रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। यह पहल न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त भी बना रही है।
ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना चमोली जनपद में महिला सशक्तिकरण एवं सतत आजीविका संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को भी साकार करने में सहायक सिद्ध हो रही है।





