रविवार, मार्च 1, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
Advertisement
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
1st मार्च 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए ‘इक्विटी’ नियमों पर लगाई रोक, कहा- नए नियम अस्पष्ट, दुरुपयोग की आशंका

शेयर करें !
posted on : जनवरी 30, 2026 6:39 अपराह्न

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) द्वारा जारी ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026’ पर तत्काल रोक लगा दी है। कोर्ट ने इन नियमों को अस्पष्ट और दुरुपयोग की संभावना वाला बताते हुए केंद्र सरकार तथा यूजीसी को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। तब तक 2012 के पुराने यूजीसी नियम ही लागू रहेंगे।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने आज कई याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें इन नियमों को सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभावपूर्ण तथा संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं में मृत्युंजय तिवारी, एडवोकेट विनीत जिंदल और राहुल दीवान शामिल हैं।

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “हमें जातिविहीन समाज की ओर बढ़ना चाहिए या पीछे जा रहे हैं? क्या हम उल्टी दिशा में जा रहे हैं?” उन्होंने कहा कि जिन्हें सुरक्षा की जरूरत है, उनके लिए व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन नियमों की भाषा स्पष्ट नहीं है और इनका दुरुपयोग हो सकता है। कोर्ट ने एक विशेष कमेटी गठित करने का भी सुझाव दिया।

ये नियम 23 जनवरी 2026 को अधिसूचित किए गए थे, जिनका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, धर्म, लिंग आदि आधारित भेदभाव को रोकना था। इनमें इक्विटी कमेटी गठन, शिकायत निवारण और सख्त कार्रवाई के प्रावधान थे। हालांकि, याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि ये नियम सामान्य वर्ग के छात्रों को शिकायत दर्ज करने से वंचित करते हैं तथा मनमाने ढंग से लागू किए जा सकते हैं, जो यूजीसी एक्ट, 1956 का भी उल्लंघन है।

नियमों की अधिसूचना के बाद देशभर में छात्रों और शिक्षाविदों में आक्रोश फैल गया था। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से फिलहाल इन नियमों का क्रियान्वयन रुक गया है और पुरानी व्यवस्था बहाल हो गई है।

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/01/Video-Nivesh_UK.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • श्री झण्डे जी मेले की भव्यता बढ़ाने पंजाब से पहुंची पैदल संगत, पुष्प वर्षा व श्री गुरु राम राय जी महाराज के जयकारों के साथ हुआ श्री दरबार साहिब में पैदल संगत का भव्य स्वागत
  • प्रत्येक जनपद में स्थापित होंगे मॉडल सहकारिता गांव – डॉ. धन सिंह रावत
  • एसएसपी सर्वेश पंवार ने कोतवाली पौड़ी का किया वार्षिक निरीक्षण, दिए सख्त निर्देश
  • ऋषभ के डिवाइस को मिला 5800 डॉलर का ईनाम
  • पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की मौजूदगी में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी
  • स्वच्छता का संदेश : ज्योतिर्मठ में भव्य जागरूकता रैली का आयोजन
  • उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में ‘थाल सेवा’ में थालसेवक बनकर दी सेवा
  • मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून ने एडवांस्ड रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी से 61 वर्षीय मरीज को फिर से चलने-फिरने में बनाया सक्षम
  • ज्योतिर्मठ नगरपालिका विवाद : नमाज प्रकरण पर अध्यक्ष और सभासदों ने दी सफाई
  • सैंजी में लगा बहुउद्देश्यीय शिविर, 36 शिकायतें दर्ज, 96 को मिला योजनाओं का लाभ
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.