posted on : जनवरी 27, 2026 1:10 अपराह्न
कोटद्वार (गौरव गोदियाल )। राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार इन दिनों डॉक्टरों और अन्य स्टॉफ की लापरवाही से अपनी बदहाली पर आंसू बहां रहा हैं। मरीज जब स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं तो उन्हें समय पर डॉक्टर नहीं मिलते है। जिससे मरीजों को प्राइवेट चिकित्सकों के यहां जाकर इलाज कराना पड़ता है या मजबूरी में नजीबाबाद या देहरादून जाना पड़ता है । इससे लोगों का समय के साथ ही पैसे की भी बर्बादी होती है।
मौसमी बीमारियों की वजह से अस्पताल में मरीजों की संख्या दिन -प्रतिदिन बढ़ने लगी है, लेकिन डॉक्टर एवं स्टॉफ न तो कभी समय से आते हैं और न ही सही से इलाज करते हैं। मरीज सुबह 9 बजे से दूरदराज ग्रामीण इलाके से आकर डॉक्टरों एवं स्टाफ का 11 बजे तक इंतजार करते रहते हैं लेकिन जिम्मेदारों को ड्यूटी समय से करने से परहेज है ।
राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की मनमानी से बेहाल हो गया है। मरीज बेबस हैं। अस्पताल में सुविधाएं भी नदारद हैं। हालत यह है कि मरीजों को निजी अस्पतालों की सेवाएं लेनी पड़ रही हैं जिससे मरीजों को आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। डॉक्टरों की लापरवाही से लोगों में आक्रोश है। अस्पताल में डॉक्टर कब आते हैं और कब चले जाते हैं इसका पता ही नहीं चलता । राजकीय बेस चिकित्सालय में तैनात चिकित्सकों की लापरवाही से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि चिकित्सक समय से अस्पताल नहीं आते हैं। जिसके कारण मरीज परेशान होते है और नीम हकीम या निजी अस्पताल में उपचार कराने के लिए जाते है। ऐसे में गरीब तबके के मरीज भगवान भरोसे डाक्टर के इंतजार में बैठे रहते हैं।
सोमवार सुबह जब हमारी टीम बेस चिकित्सालय कोटद्वार पहुंची तो एकमात्र चिकित्सक फिजिशियन जेसी ध्यानी मौजूद मिले बाकी सभी चिकित्सकों के दरवाजों पर ताले लटके हुए थे। वहीं शुल्क रसीद वाली खिड़की भी बंद पड़ी थी ।
जब इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी के चिकित्सालय प्रतिनिधि जितेन्द्र नेगी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं की शिकायत मेरे पास आई है। जनता मूलभूत सुविधा स्वास्थ्य के लिए डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के चक्कर लगाते रहते हैं ऐसे लापरवाही पूर्वक कार्य करने वाले कर्मचारियों के संबंध में विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा करूंगा। लापरवाह कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी और चिकित्सालय की व्यवस्थाएं दुरूस्त की जाएगी। वहीं जब इस संबंध में पीएमएस डॉ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अधिकतर डॉ स्पेशलिस्ट है वह सुबह भर्ती मरीजों का राउंड लेते हैं जिस कारण यह लोग साढ़े नौ से दस बजे के बीच में बैठ जाते हैं । मुझे इस अव्यवस्था की अभी अभी जानकारी लगी है मैं इस मसले को गंभीरता से लेकर लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई करूंगा एवं सभी चिकित्सकों को समय से ओपीडी में बैठने के लिए निर्देशित करूंगा ।





