रामनगर: जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से सटे मोहान रेंज के खाल्यों क्यारी गांव में वन्यजीव के हमले से एक महिला की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने गुरुवार को मोहान-रानीखेत स्टेट हाईवे जाम कर दिया। ग्रामीण हिंसक वन्यजीव को नरभक्षी घोषित कर मारने की मांग पर अड़े हैं। बीती रात भी करीब आठ घंटे तक धरना देने के बाद आक्रोश फिर भड़क उठा।
घटना बुधवार शाम की है। ग्राम पंचायत खाल्यों क्यारी निवासी कुशल सिंह की पत्नी बचुली देवी (उम्र करीब 50 वर्ष) गांव के निकट जंगल में घास काटने गई थीं। कुछ अन्य महिलाएं भी साथ थीं, लेकिन वे थोड़ी दूर थीं। काफी देर तक न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। जंगल में एक चप्पल मिलने से हड़कंप मच गया। देर शाम ग्रामीणों को बचुली देवी का क्षत-विक्षत शव मिला। शरीर का आधा से अधिक हिस्सा गायब था, जिससे बाघ या गुलदार के हमले की आशंका जताई गई।
सूचना मिलते ही ग्रामीण क्षत-विक्षत शव लेकर मोहान-रानीखेत-खैरना स्टेट हाईवे पर धरने पर बैठ गए। देर रात डीएफओ दीपक सिंह, वन क्षेत्राधिकारी उमेश पांडे और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई की मांग की। डीएफओ के हिंसक वन्यजीव को पकड़ने के आश्वासन पर मध्यरात्रि करीब दो बजे धरना समाप्त हुआ।
गुरुवार सुबह डीएफओ दीपक सिंह फिर टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वन्यजीव विशेषज्ञों को बुलाया गया ताकि पगमार्कों से हमलावर की पहचान हो सके। शव पर लगे बालों के नमूने और लार एकत्र कर डीएनए जांच के लिए देहरादून भेजे जा रहे हैं। हमलावर की पहचान के लिए क्षेत्र में दो बाघ और एक गुलदार के लिए पिंजरे लगाए गए हैं। साथ ही 15 ट्रैप कैमरे भी स्थापित किए गए हैं। जंगल में वनकर्मियों की कॉम्बिंग जारी है।
प्रधान प्रतिनिधि कुबेर सिंह ने बताया कि ग्रामीण दहशत में हैं और हिंसक वन्यजीव को नरभक्षी घोषित कर मारने की मांग कर रहे हैं। डीएफओ दीपक सिंह, एसडीएम रिंकू बिष्ट और पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे जिद पर अड़े रहे। हाईवे पर जाम से यातायात प्रभावित हुआ।



