हरिद्वार : गन्भीर वित्तीय अनियनितता तथा अभिलेखों में त्रुटियां एवं नियम विरूद्ध भुगतान करने पर पीएम श्री राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसवाखेडी विकासखंड नारसन के तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक ब्रजपाल सिंह को अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल ने निलम्बित किया है। महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह के निर्देश पर पीएम श्री राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसवाखेडी विकासखंड नारसन के तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक ब्रजपाल सिंह के खिलाफ जाँच की गई थी । जाँच रिपोर्ट आने पर शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाही की है ।
धामी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए पीएम श्री राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसवाखेडी विकासखंड नारसन के तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक ब्रजपाल सिंह को निलम्बित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके रिटायरमेंट से केवल एक दिन पहले की गई है, जो उनके खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और नियम विरुद्ध भुगतान के आरोपों को दर्शाती है।
अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ब्रजपाल सिंह के खिलाफ विभिन्न आरोपों की जांच की गई, जिसमें गंभीर वित्तीय अनियमितताएं, अभिलेखों में त्रुटियां और नियम विरुद्ध भुगतान शामिल हैं। जांच में इन आरोपों को सही पाया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
जांच समिति द्वारा प्रेषित जांच आख्या के पत्रांक सं०/16318/जांच आख्या/2025-26 दिनांक 29-10-2025 के मंतव्य में भी स्पष्ट रूप से लिखा गया है “कि बृजपाल सिंह, प्रभारी प्रधानाध्यापक, पीएम श्री राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसवाखेड़ी के विरूद्ध जो भी शिकायतें की गई है उनके क्रम में गन्भीर वित्तीय अनियनितता तथा अभिलेखों में त्रुटियां एवं नियम विरूद्ध भुगतान स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुये हैं। समग्र रूप से उक्त आचरण उत्तराखण्ड वित्तीय नियमावली एवं समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत प्राप्त धनराशि हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। सम्बंधित अध्यापक का उक्त प्रकार का आचरण सम्बंधित अधिनियम / नियमावली के विपरीत है।
अतः प्रश्नगत प्रकरण से सम्बंधित जांच आख्याओं के क्रम में बृजपाल सिंह, स०अ० (एल०टी०) (सामान्य), रा० उ०मा०वि० अकबरपुर ढाडेकी, नारसन हरिद्वार को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है तथा निलम्बन अवधि में सम्बंधित अध्यापक को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय हरिद्वार में अपनी सम्बद्ध किया जाता है। निलम्बन अवधि में सम्बंधित अध्यापक को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2 भाग-2 से 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्ध वेतन देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी।
यह कार्रवाई उत्तराखंड सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों को दर्शाती है, जिसमें ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है जो अपने पद का दुरुपयोग करते हैं और वित्तीय अनियमितताएं करते हैं।




