कोटद्वार / गढ़वाल : उत्तराखंड विकास पार्टी ने कुमाऊं के रंगकर्मी व सांस्कृतिक कर्मी श्री अशोक मल्ल जी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
उविपा ने कहा कि उनका अस्मिक निधन गढ़वाल और कुमाऊं की साजा धरोहर पर एक आघात है इसकी क्षतिपूर्ति कि नहीं की जा सकती है। उनके अभिनय ने कुमाऊनी फिल्मों को एक नई जान दी थी।
उन्होंने “मेरा पहाड़ फोरम” के गठन में अपना योगदान दिया । “गोपी-भिना” फ़िल्म में भी उन्होंने अभिनय किया था। “मेघा आ” (पहली कुमाउनी फ़िल्म) में उन्होंने विलेन के किरदार में एक डायलॉग बोला जो आजतक लोगों के दिमाग में छपा हुआ है “गंगुवा की खुकुरी दुधारी भै, दुधारी” उनके निधन से गढ़वाली-कुमाउँनी सिनेमा जगत को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।
उविपा ने कहा कि उन्होंने गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के गीत-संगीत से सजी गढवाली फिल्म कौथिक, बेटी ब्वारी, चक्रचाल, बंटवारु तथा मेरी गंगा होली–मे अशोक मल्ल ने बेहतरीन अभिनय किया था।




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