posted on : फ़रवरी 27, 2023 5:36 अपराह्न
लैंसडाउन : भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जयहरीखाल में मनाया गया लॉर्ड बैडेन-पॉवेल का जन्म दिवस । आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो डॉ एल आर राजवंशी द्वारा बताया गया की बैडेन-पॉवेल एक ब्रिटिश जनरल और आधुनिक स्काउटिंग आंदोलन के संस्थापक थे, बोअर युद्ध के दौरान, बैडेन-पॉवेल ने “ए गाइड टू स्काउटिंग” लिखी, युद्ध के बाद, उन्होंने महसूस किया कि इसे युवा लड़कों के लिए जीवन में अधिक अर्थ देने के लिए ध्यान के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बाद स्काउट आंदोलन का शुरूआत हुई। प्राचार्य द्वारा रोवर्स रेंजर्स को सम्बोधित करते हुए कहा गया कि प्रत्येक मनुष्य को बैडेन-पॉवेल के जीवन संघर्ष एवं उपलब्धियों से कुछ सीख लेनी चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन रोवर्स रेंजर्स सहप्रभारी डॉ अभिषेक कुकरेती द्वारा किया गया उनके द्वारा बताया गया कि लॉर्ड बेडेन-पॉवेल ने स्काउट्स को युवाओं के लिए एक सर्वांग शिक्षा को बढ़ावा देने के साधन के रूप में देखा – उद्देश्य, कर्तव्य, देशभक्त और एक साथ काम करने की क्षमता की भावना के साथ ही पावेल अक्सर शिक्षा और स्काउटिंग आंदोलन की भूमिका पर लिखते थे। रोवर्स रेंजर्स प्रभारी डॉ विनीता देवी ने बेडेन पॉवेल का जीवन परिचय देते हुए बताया कि बेडेन-पॉवेल का जन्म 22 फरवरी 1857 को लंदन में पैडिंगटन में हुआ था। उनके पिता इंग्लैंड के चर्च के पुजारी और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर थे। जब वे केवल तीन साल के थे, तब उनके पिता की मृत्यु हो गई ।बाडेन-पॉवेल एक जिज्ञासु चित्रकार थे। वे नियमित रूप से पेंटिंग और रेखाचित्र बनाते थे – बार-बार एक विनोदी तिरछी दृष्टि के साथ। वह एक उत्कृष्ट कहानीकार भी थे और शौकिया नाटकों से प्यार करते थे इस अवसर पर महाविद्यालय में रोवर्स रेंजर्स श्रेया, निशा, सिमरन, साक्षी, अंजली, अनुराग, आयुष द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया। इस अवसर पर समस्त प्राध्यापक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।


