श्रीनगर / पौड़ी : प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम के तहत आज श्रीनगर पहुंचे, जहां उन्होने वैश्विक महामारी कोविड-19 से बचाव एवं रोकथाम हेतु जनपद गढ़वाल के कार्यों/तैयारी का जायजा लिया। उन्होने बेस अस्पताल श्रीकोट, श्रीनगर एवं बिड़ला परिसर श्रीनगर में स्थापित 18 से 44 आयु वर्ग हेतु कोविड वैक्सीनेशन सेंटर का स्थलीय निरीक्षण किया। तत्पश्चात उन्होंने मेडिकल कालेज श्रीनगर के सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली।

बैठक में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोविड-19 संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव हेतु हर सम्भव प्रयास करते रहें। कहा कि प्राथमिक उपचार हेतु जनपद के प्रत्येक गांव के घर-घर में मेडिकल किट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें और इस कार्य हेतु कार्मिक /स्टाफ की आवश्यकता है तो नियमानुसार आउटसोर्स से मानदेय पर रखना सुनिश्चित करें। कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत आउटसोर्स से कार्मिकों को रखने के लिए जिलाधिकारी और सीएमओ को अधिकृत किया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पैंसों की कोई दिक्कत नहीं हैं युद्धस्तर पर कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अभी भी गांवों में लोग टेस्ट कराने में डर रहे हैं, उनके डर को दूर करने हेतु उन्हें जागरूक करने की आवश्यकता है। कहा कि कोविड-19 की तीसरी लहर के लिए पहले से ही तैयार रहे, श्रीनगर में अन्य जनपदो से भी रोगी आते है, इसलिए अपने स्तर से बैडों की संख्या बढ़ायें। उन्होंने कहा कि प्रवासियों को बिना आरटीपीसीआर रिपोर्ट के जनपद क्षेत्रान्तर्गत न आने दें, उन्हें बोर्डर पर ही रोक दें। गांवों में सेनिटाइजेशन किया जाये।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने संबंधित अधिकारी से जनपद में बैड, सैम्पलिंग, वैंटिलेटर्स, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, ऑक्सीजन सिलेण्डर, ऑक्जीजन कांसट्रेटर, एम्बुलेंस, मेडिसन, स्टाफ, डॉक्टर, शेसन साइट, वैक्सीनेशन आदि की जानकारी ली। जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बताया कि वर्तमान में 25 हजार मेडिकल किट ग्राम पंचायत में भेजे जा रहे हैं, इसके अलावा 01 लाख मेडिकल किट को तैयार करने हेतु ऑर्डर दिया गया है। बताया कि सांसद निधि से 50 लाख ऑक्सीजन कांसट्रेटर हेतु प्राप्त हुआ है। बताया कि उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी एवं पीएचसी/सीएचसी के एमओआईसी के माध्यम से विभिन्न ग्राम पंचायतों में मेडिकल कैम्प लगाये जा रहे हैं, जिससे संक्रमित व्यक्तियों की पहचान कर उनको समय से इलाज करने में आसानी हो रही है। कहा कि वर्तमान में जनपद में पर्याप्त ऑक्सीजन सपोर्ट बैड उपलब्ध हैं और आईसीयू की क्षमता पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बेस हाॅस्पिटल श्रीकोट(डीसीएच) में 262 बैड, बेस हाॅस्पिटल कोटद्वार(डीसीएचसी) में 118 बैड, जिला अस्पताल पौड़ी (सीसीएचसी) में बैड बनाये गये हैं। वहीं प्राइवेट हंस फाउण्डेशन सतपुली में 40 बैड, माँ कामाख्या हास्पिटल कोटद्वार में 30 बैड बनाये गये हैं। जबकि डेडिकेटिड कोविड केयर सेंटर डीसीसी बारातघर पौड़ी में 50, परमार्थ निकेतन स्वार्गाश्रम ट्रस्ट में 74, सीसीसी कोड़िया कैम्प में 92, गीता भवन स्वर्गाश्रम ट्रस्ट में 200 तथा डीसीसीसी सतपुली में 50 बैड लगाये गये हैं। बताया कि बेस हाॅस्पिटल श्रीकोट में 100 वैंटीलेटर्स, बेस हाॅस्पिटल कोटद्वार में 18, जिला चिकित्सालय पौड़ी में 11, हंस फाउण्डेशन सतपुली में 9 वेंटीलेटर्स उपलब्ध हैं। बताया कि 35 नये आये डाॅक्टरों द्वारा ज्वाइन कर लिया गया है। उन्होंने जनपद में की जा रही सैम्पलिंग, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, ऑक्सीजन सिलेण्डर, ऑक्जीजन कांसट्रेटर, एम्बुलेंस, मेडिसन, स्टाफ, शेसन साइट, वैक्सीनेशन आदि की भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि आज उनके द्वारा जनपद चमोली, रूद्रप्रयाग और अब श्रीनगर पौड़ी के हाॅस्पिटल, वैक्सीनेशन सेंटरों का निरीक्षण किया गया और देखा कि 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों द्वारा काफी उत्साह के साथ
वैक्सीनेशन/टीकाकरण किया जा रहा है। कहा कि यह पहला प्रदेश होगा जहां वैक्सीनेशन मुफ्त लगाने की स्वीकृति दी थी। कहा कि 50 लाख वैक्सीन हेतु आर्डर दिया है, जिसमें 04 सौ करोड़ से भी अधिक खर्चा आयेगा। कहा कि हफ्ते पर में भारत सरकार से भी लाखों की संख्या में वैक्सीन आ जायेगी और बहुत जल्द सबको वैक्सीनेशन उपलब्ध हो जायेगी। कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन बैड पर्याप्त मात्रा में है, वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा भी नियमित रूप से कोविड को लेकर संज्ञान लिया जा रहा है और पूरा सहयोग मिल रहा है। कहा जनपद में रेमिडिज शिविर पर्याप्त मात्रा में है। वहीं जनपद में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट से तथा अन्य प्राइवेट संस्थानों से भी ऑक्सीजन उपलब्ध कर रहे हैं। कहा कि प्राथमिक उपचार हेतु घर-घर तक मेडिकल किट पहंुचा रहे हैं। कहा कि अन्य प्रदेशों की अपेक्षा यहां डेढ़ गुना टेस्टिंग बढ़ा है।
बैठक में सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ. धन सिह रावत, बहुउद्देशीय सहकारी संघ अध्यक्ष/भाजपा जिलाध्यक्ष संपत सिंह रावत, मण्डल अध्यक्ष भाजपा श्रीनगर गिरीश पैन्यूली, एसएसपी पी रेणुका देवी, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई, एसडीएम रविन्द्र बिष्ट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनोज शर्मा, प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत सहित चिकित्सा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।





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