सतपुली । विकासखंड जहरीखाल के सबसे बड़े गांव बंदूण में पीएमजीएसवाई लोनिवि खंड कोटद्वार द्वारा बनायी जा रही सड़क के कारण स्त्रोत में मलवा आने से गांव के ग्रामीण विगत छः माह से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। वही वर्तमान में गांव में तीस लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए है जिससे गांव को सील कर दिया गया है साथ ही गांव के कई अन्य लोग जुखाम बुखार से ग्रस्त है । ऐसे में दूषित पानी से अन्य लोगों पर भी बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। दिसंबर माह में उपजिलाधिकारी सतपुली की मध्यस्थता में पीएमजीएसवाई खंड कोटद्वार एवं ग्रामीणों के मध्य हुए लिखित समझौते में निर्माणाधीन वड्डा ताडकेश्वर मोटर मार्ग के मलबे को बंदूण की पेयजल लाइन और श्रोत से निर्धारित समय में हटाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन लगभग छः माह गुजर जाने के बावजूद आज भी मलबे को न हटाने पर उप जिलाधिकारी सतपुली संदीप कुमार ने जिलाधिकारी पौडी को इस संबंध में पत्र प्रेषित किया है।

जिसमें एसडीएम का कहना है कि ग्रामीणों एवं विभाग के मध्य हुए लिखित समझौते का छः माह गुजर जाने के बावजूद पीएमजीएसवाई खंड कोटद्वार पालन नहीं कर रहा है। दूषित पानी पीने से कोरोना की मार झेल रहे बंदूण गांव में बीमारी की आंशका भी बढ़ गई है। वही उप जिलाधिकारी ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में किसी बीमारी के पनपने या जन आंदोलन होने की स्थिति में समस्त जवाबदेही पीएमजीएसवाई लोनिवि खंड कोटद्वार की बताई है। ग्राम प्रधान अंजलि देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य पूजा देवी, उमा देवी, शांति देवी, लता देवी ने गांव में बढ़ती बीमारी की आशंका को देखते हुए एक सप्ताह के भीतर नई पेयजल लाइन बिछाने और पेयजल स्रोत से मलबा हटाने की मांग की है।





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