posted on : दिसम्बर 17, 2022 10:46 पूर्वाह्न
कोटद्वार : ठंड बढ़ने पर एक नई आशा फाउंडेशन की पहल, ठंड में असहाय लोंगो को गर्म कम्बल वितरित किये। भीषणसर्दी में एक नई आशा फाउंडेशन आजकल कोटद्वार में गरीबों की ठंड मिटा रही हैं। ठंड के मौसम में एक नई आशा फाउंडेशन के द्वारा जरुरतमन्दो को गर्म कम्बल वितरण कर सराहनीय कार्य किया जा रहा हैं। दिसम्बर के आते ही ठंड ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। सुबह आंख खुले तो चारों तरफ धुंध और कोहरे की चादर छाई मिलती है और रात हो तो भी नजारा बदलने का नाम नहीं लेता। हर कोई सलाह देता नजर आ रहा है कि रात को घर से निकलते समय ठंड से बचने के लिए गरम कपड़े साथ रखें, बहुत ज़रूरी हो तभी घर से बाहर निकलें। ये करें .. वो करें.. लेकिन वो क्या करें खुला आसमान ही जिनकी छत है, धरती की गोद ही जिनका घर है और कपड़ों के नाम पर चंद चिथड़े जिनके शरीर को बमुश्किल ढांपते हैं। क्या ऐसे लोगों के लिए भी हमारे पास कोई सलाह है। वर्तमान में जिनके लिए दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हैं वो अपने लिए गर्म कपड़े कहां से लाएं।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विपिन कैथोला ने कहा कि एक नई आशा फाउंडेशन के जरिये हम नर सेवा नारायण सेवा का संकल्प मजबूत कर रहे है। एक नई आशा फाउंडेशन ने पहले भी कई कार्यक्रम किये हैं। करोना काल मे एक नई आशा फाउंडेशन के जरिये कई जरूरतमंदो की मदद की गयी है। आगे भी एक नई आशा फाउंडेशन इसी प्रकार जरूरतमंदों सहायता की करती रहेगी।
एक नई आशा फाउंडेशन के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह गुसाईं ने बताया कि इस वर्ष ठंड में जरूरतमंदों को सहायता करने के उद्देश्य से संस्था द्वारा कम्बल वितरण किया जा रहा है । भीषण ठंड को देखते हुए कंबल वितरण का कार्य जारी रहेगा। कड़ाके की ठंड में जिस गरीब के पास तन ढकने के लिए ढंग के कपडे़ न हों, उनके लिए कम्बल वरदान के समान है। आर्य ने समाज के सभी जिम्मेदार नागरिकों को आगे आकर ऐसे लोगों की मदद करने को कहा। उन्होंने कहा कि समाज सेवा का कोई दायरा नहीं होता और आप अपने आसपास ही ऐसे लोगों को तलाश सकते हैं।
एक नई आशा फाउंडेशन के सचिव अवनीश कुमार ने बताया कि ऐसा करके काफी आत्मसंतुष्टि मिलती है, क्योंकि साधन संपन्न लोग अपने संसाधनों से गर्म कपड़े व कंबल जुटा लेते हैं। लेकिन गरीब तबके को एक अदद कंबल खरीदने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों से अपील की कि जो लोग जिन गर्म वस्त्रों को वह अपने प्रयोग में नहीं ला रहे हैं ऐसी वस्तुओं को अपने आस-पास की जरूरतमन्द लोगों का सहयोग करें ताकि वे भी ठंड से अपनी बचाव कर सकें। गरीब की सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य का काम है। उन्होंने कहा कि हम लोग अपने पूर्वजों से गरीब, असहाय लोगों की सहायता करना सीखे हैं। हमेशा यही प्रयास रहता है कि गरीब लोग दरवाजे से खाली हाथ न लौटे। गर्म केवल वितरण के दौरान नरेन्द्र चौहान, संतोष ध्यानी , देवेद्र कुंडलिया आदि मौजूद थे।


