चिन्यालीसौड़ / उत्तरकाशी : बुरे कर्मो की श्रेणी में झूठ, धोखा, दूसरे को कष्ट पहुँचाना आदि समिलित है। जबकि अच्छे कर्मों की श्रेणी में धर्मों सत्य अनुशसमाज के जरुरत मंदो की सेवा करना दूसरो को सुख पहुचाना अहिंसा आचरण करना सम्मिलित किये जा सकते सत्य का पालन बौद्विक स्तर पर अहिँसा का पालन मन स्तर पर ब्रह्मचर्य का पालन शारीरिक स्तर पर कहा गया है सत्य का अर्थ है मन कर्म वचन से असत्य से दूर रहना ।
प्रसिद्ध कथा ब्यास आचार्य शिवप्रसाद ममगाई ग्राम हटनाली पट्टी दशगी चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी में आयोजित भागवत कथा में बतौर ब्यास कथा वाचन करते यह विचार ब्यक्त किये।। कहा कि पूर्व जन्म का होना सत्य है, विपत्ति में पड़ते है तो पहले सांसारिक उपाय करते है परंतु जब उपाय सफल नही होते तो उस प्रभू को दोष देते है,दोष देने के उस पर विश्वास कर उसकी सहायता मांगना ही श्रेय कर है ।
आचार्य मंमगाई ने कहा कि वास्तव में हमारे ऊपर जो कोई कष्ट विपत्ति आती है तो यह समझो यह हमारे द्वारा पूर्व में कये गए बुरे कर्मो का फल है अतः यह प्रमाणित है कि हमे जो कुछ भी मिलता है वह कर्मों से ही प्राप्त होता है लेकिन भाग्य से प्राप्त नही होता भगवान श्री कृष्ण जी ने कर्मों को ही महत्ता दी आज आज रुक्मिणी विवाह पर आयोजकों के द्वारा सुंदर झांकियों के साथ सभी श्रद्धालुओं श्रोताओं के लिए भोजन व्यवस्था की गई रुक्मिणी विवाह में अपनी बेटी मनीषा का विवाह निरज के साथ राम सिंह पंवार ने किया वहीं सूदूर क्षेत्र से आकर लोग कथा का श्रवण कर रहे हैं । इस अवसर पर चन्दन सिंह पंवार, भगवान सिंह, राम सिंह, मानस सिंह, लाखन सिंह, सोहन सिंह, जगमोहन सिंह, देवेंद्र सिंह, श्याम सिंह, रणवीर सिंह, बलबीर सिंह, श्रीमती सीता देवी, सुंदरा देवी, सुमित्रा देवी, आचार्य भगवती प्रसाद, हरीश नोटियाल, सुरेंद्र तिवाड़ी, हितेश, द्वारिका नोटियाल आदि मौजूद रहे।



