चमोली । बदरीनाथ हाईवे पर स्थित चमोली में एनएचआईडीसीएल की लापरवाही ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। यहां कंपनी की ओर से हिल कटिंग के दौरान उडेले जा रहे मलबे से धूल के गुबार उड़ रहे हैं। जिससे यहां कस्बे के घरों धूल से पट गये हैं। वहीं निर्माणदायी संस्था की ओर से मलबे को अलकनंदा नदी के में उडेला जा रहा है। स्थानीय लोगों ने मामले में तहसील प्रशासन से कार्रवाई कर समस्या के निराकरण की मांग उठाई है।
बता दें कि इन दिनों जिला प्रशासन की अनुमति के बाद एनएचआईडीसीएल की ओर से बदरीनाथ हाईवे पर चमोली के चाडा तोक में हिल कटिंग का कार्य किया जा रहा है। यहां खड़ी चट्टान होने के चलते यहां कंपनी प्रबंधन की ओर से मलबे को दो मीटर से अधिक उंचाई से उडेला जा रहा है। जिससे मलबे से धूल के उठते गुबार लोगों के घरों में भर रहे हैं। ऐसे में जहां लोगों को सांस लेने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। वहीं लोगों के घरों में रखा सामान भी खराब होने लगा है। स्थानीय निवासी विक्रम सिंह नेगी का कहना है कि मामले में तहसील प्रशासन से मुलाकता कर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने और समस्या का स्थाई निराकरण करने की मांग की गई है। जिससे महामारी के संक्रमण काल में स्थानीय लोगों को इस समस्या से दो चार न होना पड़े।
स्थानीय लोगों की ओर बदरीनाथ हाईवे पर चमोली में किये जा रहे सड़क चैड़ीकरण कार्य से हो रही दिक्कतों की जानकारी दी गई है। जिस पर तत्काल कंपनी प्रबंधन को हिल कटिंग क्षेत्र में पानी का छिड़काव करने के साथ ही अन्य उपाय करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही कर्मचारियों को निर्माण कार्य से स्थानीय लोगों को हो रही दिक्कतों पर निगरानी के आदेश दिये गये हैं। निर्माण कार्य से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
बुशरा अंसारी, उपजिलाधिकारी, चमोली।




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