कोटद्वार । नगर निगम क्षेत्र के पदमपुर मोटाढाक स्थित शिव शक्ति मन्दिर में गुरुवार से कथावाचक आचार्य राकेश चंद्र लखेड़ा ने राम जन्मभूमि निर्माण के उपलक्ष्य में शिव शक्ति की कथा का शुभारंभ किया ।कथा में बताया कि भगवान शंकर वैराग्य व त्याग के स्वरूप हैं। भगवान शिव का परिवार भी विलक्षण ही है, एक पुत्र गज मुख है तो दूसरा षडानन, एक का वाहन मूषक है तो दूसरे का मोर। देवी पार्वती का वाहन सिंह है तो स्वयं बृषभ पर सवार हैं , इतना ही नही भेष दिगम्बर है। सभी के परम माता पिता शिव पार्वती ही हैं। सीता माता ने वर प्राप्ति के लिए शिव शक्ति की पूजा की थी। तभी उन्हें अखण्ड सौभाग्य पति श्री राम जी मिले। उनकी महिमा अनन्त है। भगवान शंकर कहते हैं सबसे बड़ा धर्म सत्य है और सबसे बड़ा पाप असत्य है। कलश स्थापना देव भूमि उत्तकर्ष सेवक संघ के अध्यक्ष श्री रोशन लाल कुकरेती जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर मन्दिर के पुजारी पण्डित राम भरोषा कंडवाल, इन्दु ममगाईं, ललिता रावत, कमला देवी, अनुराग कंडवाल ,प्रेम सिंह रावत, सुरेंद्र रावत, अतुल कंडवाल, मयंक नेगी एवँ विमला शुक्ला उपस्थित रहीं ।



