कोटद्वार । वीर सम्राट भरत की जन्मस्थली कण्व आश्रम स्थित वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय में बसंत पंचमी के अवसर पर महायज्ञ का आयोजन किया गया। कर्ण की तपस्थली भारत के सम्राट जन्मदाता सम्राट चक्रवर्ती वीर भगत की जन्म स्थली एवं महाकवि कालिदास की काव्य स्थली हिमालय की सुरंग में घाटियों में प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय कण्व आश्रम में रोग निवारण गायत्री महा मृत्युंजय महायज्ञ का आयोजन किया गया । इस वर्ष कोरोना महामारी व अन्य रोग निवारण के लिए विशेष जड़ी बूटियों से तैयार हवन सामग्री के साथ सवा लाख गायत्री महामृत्युंजय महायज्ञ करने का निश्चय किया गया है । महाविद्यालय के संस्थापक डॉ. योगीराज विश्वपाल जयन्त ने बताया कि इस महानयज्ञ का समापन 21 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ होगा । इस अवसर पर संयोजक संजय रावत, सचिन बालियान, मनोज नेगी, देवेंद्र कुमार, हरीश मलिक, संदीप सिंह शामिल रहें।



