कोटद्वार : उत्तराखण्ड विकास पार्टी के सदस्यों ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली जी की जन्म तिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली न केवल देश की आजादी के सिपहसलार थे वरन उत्तराखण्ड के विकास के लिए लगातार राजनैतिक रूप से सक्रिय रहे। सरकार ने ध्रुवपुर में दो रूपये के स्टाम्प पर खेती के लिए बीस बीघा जमीन दी, जो उस वक्त खेती करने के लिए उपयुक्त नहीं थी।
वहीं रहकर राहुल सांकृत्यायन जैसे विश्व प्रसिद्ध लेखक चिंतक ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली जी जीवनी उनके श्रीमुख से सुनकर लिखी। सन 1951 में जब भारत की संसद के प्रथम चुनाव हुए तब नेहरू जी ने उन्हें कांग्रेस पार्टी का टिकट स्वर्गीय भक्त दर्शन जी के हाथ भेजा मगर उन्होंने मना कर दिया। नेहरू जी वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली जी को बड़ा भाई कहते थे। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों द्वारा उनकी याद में गैरसैंण का नाम चन्द्र नगर रखा गया।





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