उत्तरकाशी (कीर्तिनिधी सजवाण): कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत विजय दिवस को सादगी के साथ मनाया गया। जिलाधिकारी मयुर दीक्षित, गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत, पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट ने विजय दिवस के अवसर पर शहीद गार्ड्समैन सुंदर सिंह के चित्र पर पुष्प एवं माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत एवं जिलाधिकारी मयुर दीक्षित द्वारा शहीद सैनिक की वीरांगना अमरा देवी, शौर्य चक्र विजेता पूर्व नायक खेमराज सिंह एवं पूर्व हवलदार सेना मेडल से सम्मानित स्वर्गीय कबूलचंद की धर्मपत्नी शकुंतला देवी को शॉल ओढ़ाकर व पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया।
गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत ने कहा कि आज के दिन भारत की सेना ने पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों को आत्मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया था। यह एक विश्व के इतिहास में ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण दिन है। यह हमारे सैनिकों का अद्भुत साहस व पराक्रम का परिणाम है कि इस युद्ध में एक बड़ी विजय भारत को प्राप्त हुई थी। जिलाधिकारी मयुर दीक्षित ने शहीद सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि 1971 भारत- पाक युद्ध में हमारे सैनिकों के अद्भुत साहस व पराक्रम के कारण पाकिस्तान के सैनिकों को आत्मसमर्पण करना पड़ा।
सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर हेमंत कुमार ने विजय दिवस पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह लड़ाई सन 1971 में 6 दिन तक चली तथा आखिरकार पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों ने हमारी भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इस युद्ध में जिला उत्तरकाशी के एकमात्र योद्धा गार्ड्समैन सुंदर सिंह शहीद हुए थे। इस अवसर पर सैनिक कल्याण के सूबेदार मेजर महावीर सिंह राणा, सहायक अधिकारी सूबेदार मेजर अनुसूया सिंह बिष्ट, पूर्व हवलदार सोहन सिंह पंवार, कल्याण सिंह गुसाईं,बलबीर कैंतूरा,भोला सिंह बिष्ट,लखीराम,दिलचंद सिंह, महेंद्र दत्त थपलियाल आदि मौजूद थे





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