- उत्तराखंड सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर सरकार द्वारा रोक होने के कारण होने , वस्तु का विक्रय बाजार की कमी आ जाना।
- हर राज्य की सीमा में प्रवेश करने के लिए अलग अलग नियमों का कारण भी व्यवधान करता है।
- स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों में जैसे हर्बल चाय बारे में गिरावट का प्रदर्शन।
- संस्थाओं को मिलने वाली राशि सहायक राशि में गिरावट।
- विक्रय व्यक्ति को यातायात में सुविधा में दिक्कतों का सामना।
गढ़वाल : करोना संकट के समय जहां अर्थव्यवस्था के हर पहलू पर चिंता जताई जा रही है वही ब्लॉक द्वारीखाल के चेलुसैन पौड़ी गढ़वाल में स्थित संस्था कोठारी पर्वतीय विकास समिति को स्वयं सहायता समूह द्वारा उत्पादित वस्तुओं का बाजारीकरण व विक्रय सहयोग में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संस्था के सचिव सुनील दत्त कोठारी ने हमें बताया कि हमारी संस्था के अंतर्गत 8 स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं जो कि अलग-अलग वस्तुओं के उत्पाद पर केंद्रित है परंतु जब संस्था इन उत्पादों को बाजार तक ले कर जा रही है ताकि उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति सुधार हो सके, परंतु विक्रय जीरो के बराबर है, संस्था इसका कारण कोरोना की वजह बताएं तथा साथी साथ स्वयं सहायता समूह के उत्पादों की बिक्री में गिरावट दर्ज की इससे पूर्व यह संस्था अपनी वस्तुओं का विक्रय राम झूला ऋषिकेश से लेकर महानगर दिल्ली, मुंबई तथा बेंगलुरु तक अपनी पहुंच बनाई हुई थी जगह-जगह स्टाल लगाकर वह सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी वस्तु का प्रदर्शन में विक्रय करती थी, परंतु आज के सापेक्ष में यातायात तथा संस्था के विक्रय व्यक्ति को वहां तक पहुंचने में अलग-अलग राज्यों की सीमा के नियम बाधक महसूस करती है साथ ही साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम व रोक को भी मुख्य कारण समझती है।
संस्था के सचिव सुनील दत्त कोठारी ने कहा कि कोरोना वायरस जैसी महामारी के समय में जरूरत है कि कोठारी पर्वतीय विकास समिति चेलुसैन जैसी संस्थाओं को राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए मदद की साथ बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना करती है, अपितु इस करोना संकट के समय ऐसी संस्थाओं का मनोबल टूट जाएगा तथा उत्तराखंड के उत्पादित वस्तुओं का महत्व भी धीरे-धीरे खत्म होने के कगार तक पहुंच सकता है, संस्था की स्वयं सहायता समूह हर्बल चाय , मंडुवा से बनी हुई खाद्य पदार्थ उत्तराखंडी क्राफ्ट आइटम के निर्माण में सहयोग देती है तथा यह संस्था पिछले डेढ़ सालों से चेलुसैन ब्लॉक द्वारीखाल पौड़ी गढ़वाल में कार्यरत है।




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