कोटद्वार । बहुजन क्रांति मोर्चा के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के लिए एक ज्ञापन प्रेषित किया । जिसमें उन्होने देश में बेटियों के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराधों पर चिंता जताई है। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के हाथरस व बलरामपुर में अनुसूचित जाति की बेटियों के साथ हुए जघन्य अपराध ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इसके अलावा देश के अन्य राज्यों में बेटियों के खिलाफ लगातार अपराध बढ़ते ही जा रहे हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन अपराधों की रोकथाम के लिए गंभीर नहीं है जिस कारण अपराधी खुलेआम घुम रहे हैं। पिछले दिनों केंद्र सरकार द्वारा लाये गये कृषि विधेयकों के खिलाफ संतकबीर नगर,बाराबांकी, प्रतापगढ़, इटावा आदि में प्रदर्शन कर रहे राष्ट्रीय किसान मोर्चा के सदस्यों पर पुलिस प्रशासन द्वारा फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए है जो कि पूर्णतय गलत है। केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा सरकारी उपक्रमों का निजीकरण करके आरक्षण को समाप्त करने का षडयंत्र रचा जा रहा है जिसकी मोर्चा निंदा करता है।
कहा कि मोर्चा सरकार जघन्य अपराध के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ ही पीड़ित परिवारों को सुरक्षा व मुआवजा देने की मांग करता है और बेटियों के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों की रोकथाम के लिए जल्द कड़े कदम उठाने की मांग करता है। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय किसान मोर्चा के सदस्यों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की। चेतावनी देते हुए कहा कि शीघ्र ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे चरणबद्ध तरीके से राष्ट्रव्यापी आंदोलन को बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।ज्ञापन प्रेषित करने वालों में मोर्चा के जिला संयोजक श्याम लाल, सतीश ओडवाल, चंद्रमोहन, भूपेंद्र सिंह, इंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, सत्यपाल सिंह, पुष्कर सिंह, रामेश्वर आदि शामिल रहे।




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