चमोली । केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर के नेतृत्व मे एक दल ने केदारनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले उच्च हिमालयी क्षेत्र का भ्रमण कर वहां की परिस्थितियों का स्थलीय निरीक्षण कर जलवायु परिवर्तन का जल, जंगल, जमीन पर प्रभाव का अध्ययन किया गया। जिसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
केदारनाथ के डीएफओ ने बताया कि दल ने मदमहेश्वर से अपना अभियान शुरू कर रांसी, गोंडार, कासनी ताल, पांडवसेरा, नदीकुंड, विनायक, बरमा बुग्याल, मनपई बुग्याल, बंसीनारायण, अवराम होते हुये कल्पेश्वर पहुंची। बताया कि टीम ने अध्ययन मे पाया की इस बार काफी संख्या मे ब्रह्मकमल और फेन कमल उगे है जो की एक अच्छा संकेत है। वहीं उच्च हिमालयी क्षेत्र मे पाये जाने वाले दुर्लभ प्रजाति के वन्यजीवों के भी फुट मार्क वन विभाग की टीम ने एकत्रित किये।
उन्होंने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रो मे पौलिगोनम तेजी से फैल रहा है जो कि वनस्पति के लिए खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ये एक ऐसी वनस्पति है जो अन्य वन्य फूल एवम वनस्पतियों को उगने नही देती है। जिससे बुग्याल की सुंदरता और प्राकृतिक स्वरूप को नुक्सान पहुच रहा है। जिस पर वन विभाग जल्द ही योजना बना कर इस पौलिगोनम को नियंत्रित करेगा।




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