दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए विकलांगों का हुजूम उमड़ा

Publish 11-01-2019 19:28:08


दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए विकलांगों का हुजूम उमड़ा


कोटद्वार /पौड़ी गढ़वाल | एक साप्ताहिक अखबार के तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर हिमालयी ग्राम्य संस्कृति का पर्यावरण संरक्षण में योगदान विषय पर आयोजित गोष्ठी में मिश्रित वन विकसित करने के साथ ही ग्रामीणों को पूर्व की भांति हक-हकूक देने पर जोर दिया गया। सुंद्रियाल वैडिंग प्वाइंट में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विशिष्ट अतिथि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, हंस पफाउंडेेशन के उत्तराखंड प्रभारी पदमेंद्र बिष्ट टैगू भाई ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जंगलों में चीड़ की दादागिरी रोककर मिश्रित जंगल विकसित करने होंगे और जब तक जंगल को पूर्ण रूप से पुराने स्वरूप में विकसित नहीं कर पाएंगे, तब तक न तो वनाग्नि की घटनाएं ही रूक पाएंगी और न ही जीव जंतु ही बच पाएंगे और तब तक विकास की धारा भी अधूरी ही रहेगी। उन्होंने कहा कि वनज व विविधता से जुड़ा हुआ है और जब परागण करने वाले छोटे-छोटे जीव ही नहीं बचेगें तो जंगल भी कैसे बचेगा। उन्होंने कहा कि मिश्रित वनों को विकसित करने के लिए वर्किंग प्लान के तहत चीड़ के जंगलों को समाप्त कर चैड़ी पत्तियों के वन विकसित करने होंगे। वनों को बचाने के लिए राज्य की तरपफ से भी ठोस प्रयास करने होंगे। साथ ही परंपराओं और पर्यावरण की ओर ध्यान देना होगा। गवरमेंट तो आती-जाती हैं, लेकिन गवरनेंस वहीं रहती है और एक सरकार के प्रयासों को दूसरी सरकार द्वारा रोकने के बजाय आगे बढ़ाने का प्रयास करना होगा। विशिष्ट अतिथि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप खत्म होना चाहिए। लोक लालच से ऊपर उठकर हमें इंसान बनन होगा, यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि जो भी शिक्षा मंत्री बना वह दुबारा चुनाव नहीं जीता, लेकिन चुनाव जीतना उनका लक्ष्य नहीं हैं और इसी के तहत उन्होंनंे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए जिसके लिए विपक्ष ने भी उनकी पीठ थपथाई है। मनीष सुंद्रियाल ने कहा कि जब तक स्थानीय लोगों को उनके हक-हकूक से वंचित रखा जाएगा, तब तक जंगल यूं ही जलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आम आदमी आज जंगल को अपना समझने के बजाय सरकार की संपत्ति समझता है और यह भावना उनको उनके हक हकूक देकर ही खत्म की जा सकती है। पूर्व पालिकाध्यक्ष शशि नैनवाल ने कहा कि प्लास्टिक का प्रयोग बढ़ने से प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। हमें पूर्व की भांति मेलदार और कुल्हड़ों का इस्तेमाल को तब्ज्जो देना होगा। सोच बदलने से ही प्रदूषण मुक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं। इस मौके पर वन्य जीव संरक्षण के लिए वन क्षेत्राधिकारी कोटद्वार रेंज के वन क्षेत्राधिकारी को वन्य जीव संरक्षण के लिए, वनाग्नि रोकने में उत्कृष्ट कार्य के लिए सत्तीचैड़ निवासी दंपति बलवंत सिंह रावत और रोशनी देवी, समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए चांद मौला बक्श, स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए नगर निगम के सफाई कर्मी श्याम ले को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा आपदा राहत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए परितोष कुमार, डा. मंजू कपरवाण, रेनू गौड़, अलका बिष्ट, सत्यपाल सिंह रावत, दिनेश राणा, मीना नेगी को सम्मानित किया गया, जबकि आपदा राहत कार्य और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्र/छात्रा मानसी, अनीता, शिवानी, आकांक्षा, सारिका, ललिता, अंजली, ज्योति, निशा, हिमानी, मानसी, सपना को सम्मानित किया गया। इस मौके पर सुनीता बिष्ट, रंजना रावत, जगमोहन सिंह नेगी, चंद्रमोहन खर्कवाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैंत्यूरा, पूर्व ब्लाॅक प्रमुख गीता नेगी, कृष्णा बहुगुणा, पुष्कर सिंह नेगी, रूपन नेगी, गीता सिंह प्रीति सिंह आदि मौजूद रहे।