शिक्षण का नया सत्र चलते ही निजी विद्द्यालयों के प्रबंधको की बल्ले बल्ले

Publish 05-04-2019 20:32:24


शिक्षण का नया सत्र चलते ही निजी विद्द्यालयों के प्रबंधको की बल्ले बल्ले

गुप्तारगंज /सुल्तानपुर(रविन्द्र):  तू डाल डाल मैं पात-पात की कहावत को चरितार्थ करते हुकिए विद्यालय प्रबंधन मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के फरमानों को पूरी तरह नकारते हुए विद्यालययों को उसी भांति चलाने के लिए अपनी रणनीति तय कर ली है। अब देखना है कि योगी जी का फरमान चलता है, या फिर  विद्यालय प्रबंधकों का अपना तरीका काम आता है।
योगी सरकार ने सरकारी स्कूलों, कालेजों में दिन-प्रतिदिन घटती छात्रों की संख्या को संज्ञान में लेते हुए गैर मान्यताप्राप्त विद्यालययों पर नकेल कसने के लिए सरकार का गठन होते ही  फरमान जारी किया था। जिसमें गैर मान्यतप्राप्त विद्यालययों के शिक्षण कार्य पर प्रतिबन्ध लगा दिया, जिससे प्रबंधकों में खलबली मच गई थी। और प्रबंधतंत्र ने इस फरमान को अस्वीकार करते हुए नया रास्ता खोज निकाला। सूत्रों की माने तो विद्यालय प्रबंधकों ने विभाग के अधिकारियों सांठ गांठ कर कोचिंग का  नामांकन करा लिया , और इसी की आड़ में विद्यालय चला रहे है।  जाँच के नाम पर कूछ दिन पहले निजी विद्द्यालयों पर विभागीय  अधिकारियों द्वारा छापा मारी  भी की गई। लेकिन यह महज खाना पूर्ति ही रही।  सम्बंधित विभाग के  अधिकारियों  ने  इस मामले में खूब धन उगाही की। तभी तो क्षेत्र में गैर मान्यता प्राप्त विद्द्यालय धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं।
बताते चलें कि क्षेत्र में दर्जनों विद्यालय ऐसे हैं, कि न तो उनकी मान्यता है और न तो वे मानकों के आधार पर चलाए ही जा रहे हैं । ये विद्यालय प्रबंधक छात्रों को  बिना कोई सुविधा दिए ही अभिभावकों से मोटी रकम वसूल कर विद्यालयों को व्यावसायिक रूप में परिवर्तित कर दिया है। ए विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों से मोटी रकम वसूलने के लिए नए-नए तरीके अख्तियार करते रहते हैं, कभी अपने मन माफिक ड्रेस लगवाना,खेल के लिएचंदा लगवाना, दूसरे लेखक की किताबें चलवाना जिससे मोटी रकम वसूली जा सके। अभिभावक भी इनके आगे मजबूर होकर अपने नव निहालों के भविष्य को देखते हुए अपनी गाढ़ी कमाई से मोटी रकम देने को मजबूर है।

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