एसडीएम अपने अपने क्षेत्रो में भूमि कटाव व जलभराव को रोकने/कम किये जाने हेतु ऐसे क्षेत्रों का सर्वे कर चिन्हीकरण करे - जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल

Publish 13-05-2019 16:48:07


एसडीएम अपने अपने क्षेत्रो में भूमि कटाव व जलभराव को रोकने/कम किये जाने हेतु ऐसे क्षेत्रों का सर्वे कर चिन्हीकरण करे - जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल

पौड़ी : जनपद पौड़ी गढ़वाल के जिला कलेक्ट्रेट सभागार पौड़ी में सोमवार को जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में दैवीय आपदा से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के सभी एसडीएम को आगामी वर्षाकाल को देखते हुए भूमि कटाव व जलभराव को रोकने/कम किये जाने हेतु ऐसे क्षेत्रों का सर्वे कर चिन्हीकरण करने के निर्देश दिये। उन्होंने तहसील कोटद्वार के क्षेत्रार्न्तगत सुखरौ नदी के चिन्ह्ति/निर्धारित क्षेत्र सिम्बलचौड़ व बल्भद्रपुर, खोह नदी के अन्तर्गत गाड़ी घाट पुल से नीचे की ओर, उ.प्र.की सीमा गुलर पुल से ऊपर की ओर तथा सिद्धबली पुल से नीचे 200 मीटर छोड़कर निर्माणाधीन पुल से 200 मीटर ऊपर तक मलवे के निस्तारण/चैनेलाइजेशन करने को भी कहा। उन्होंने चिन्ह्ति क्षेत्र में से निकाले/हटाये जाने वाले मलवे की मात्रा व वर्तमान निर्धारित रॉयल्टी दर के अनुसार मूल्य निर्धारण करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान से दैवीय आपदा में क्षतिग्रस्त पेयजल स्कीमों तथा पेयजल की समस्या वाले स्थानों तथा प्रत्येक ब्लॉक वाइज कितने गांवों में पानी पहुंचा रहे हैं, की जानकारी लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही जनपद में तहसीलवार कितने एमएलटी पानी की जरूरत है, से भी अवगत कराने को कहा। इस पर संबंधित द्वारा अवगत कराया गया कि विभाग के पास 05 विभागीय पानी के टैंकर है तथा 12 प्राइवेट हायर किये गये हैं। बताया कि पौड़ी में 7.9 एमएलटी, श्रीनगर में 13.60 पानी दिया जा रहा है, जो जरूरत के हिसाब से कम है, कहा कि जनपद में 1560 हैण्डपम्प भी है, जिनसे पेयजल आपूर्ति हो रही है।
जिलाधिकारी ने सड़कों पर बढ़ते दुर्घटनाओं के मध्येनजर जनपद के समस्त अधिशासी अभियन्ता लो.नि.वि. को अपने-अपने शाखा अन्तर्गत कार्यरत कार्मिकों के द्वारा सड़क मार्गों पर जमी झाड़ियों एवं पिरूल का उचित माध्यम से निस्तारण करने को कहा। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को सड़कों का सर्वे कराने तथा दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीप्ति सिंह, अपर जिलाधिकारी डॉ. एस.के.बरनवाल, उपजिलाधिकारी पौड़ी योगेश मेहरा, कोटद्वार मनीष सिंह, श्रीनगर दीपेन्द्र नेगी, यमकेश्वर श्याम सिंह राणा, लैंसडौन अर्पणा ढौंडियाल, प्रभागीय वनाधिकारी गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी लक्ष्मण सिह रावत, दैवी आपदा प्रबन्धन अधिकारी पौड़ी दीपेश चन्द्र काला सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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