आपदा प्रबन्धन के तहत राहत और बचाव कार्यों के आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर दिया जोर

Publish 03-06-2019 17:47:31


आपदा प्रबन्धन के तहत राहत और बचाव कार्यों के आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर दिया  जोर

पौड़ी : जनपद पौड़ी गढ़वाल में  जिला आपदा प्रबंधन इकाई के तत्वाधान में सोमवार को आयोजित आईआरएस की कार्यशाला में आपदा प्रबंधन के तहत राहत और बचाव कार्यों के आधुनिक तकनीकों को अपनाये जाने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में  आपदा के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों में भाईचारे का समन्वय हो तो राहत और बचाव कार्यों को आसानी से निपटाया जा सकता है। कार्यशाला में इंसिडेंट एरिया (घटना क्षेत्र) के लेकर गहनता से मंथन किया गया। निणर्य लिया गया कि संबंधित क्षेत्रों के पटवारी ही इंसिडेंट एरिया के इंसिडेंट कमांडर की जिम्मेदारी दी जा सकती है।


विकास भवन सभागार में आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर बीबी गणनायक ने कहा कि जून माह से राज्य में दैवी आपदा की घटनाओं की सम्भावनाएं अधिक होती हैं। लिहाजा आईआरएस से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप मुस्तैद रहेंगे। कार्यशाला में आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव कार्यों के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों पर गहनता से मंथन किया गया। बताया गया कि सामाजिक संचार के लिहाज से पट्टी पटवारियों का नेटवर्क बेहद जमीनी स्तर का है। निर्णय लिया गया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए पटवारियों को इंसिडेंट एरिया के इंसिडेंट कमांडर की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा लोनिवि के सहायक अभियंताओं को भी आपदा कार्यों में विशेष जिम्मेदारी देने पर जोर दिया गया। कहा कि तकनीकी विभाग होने के चलते जेई से बेहतर कार्यां की संभावना तलाशी जा सकती है।

उन्होंने कहा कि आपदा के समय कोई भी अधिकारी अपने पदनाम के अनुसार छोटे या बड़े होने के भाव को निकालकर सिर्फ मानवता के लिए कार्य करें। कहा कि आईआरएस सिस्टम के तहत आपदा के दौरान इंसिडेंट एरिया सबसे अहम है। आपदा के दौरान सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार ही कार्य करेंगे। कार्यशाला में राहत और बचाव कार्यों के लिए जरूरी उपकरणों के रखरखाव और संचालन करते रहने पर जोर दिया गया। मास्टर ट्रेनर ने आपदा प्रबंधन इकाई के द्वारा संचालित सभी कार्यक्रमों की डाक्यूमेंट्री तैयार करने को कहा। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी डा. एसके बरनवाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों से राहत और बचाव कार्यों के अनुभवों को साझा किया। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओम प्रकाश, एसीएमओ डा. एचसी मर्तोलिया, सीवीओ एसके सिंह, ईओ पालिका विनोद लाल शाह, तहसीलदार पौड़ी हरिमोहन खंडूड़ी, डीडीएमओ दीपेश काला, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रमोद रावत, अधीशासी अभियंता लोनिवि बिपुल सैनी, एटीओ नंदन सिंह खत्री समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे ।

To Top