जब जब धरती पर पाप बढ़ा है तो भगवान ने किसी ना किसी रूप में जन्म लिया - पंडित दयाशंकर आचार्य

Publish 14-05-2019 18:59:47


जब जब धरती पर पाप बढ़ा है तो भगवान ने किसी ना किसी रूप में जन्म लिया -  पंडित दयाशंकर आचार्य

लखनऊ/ उत्तर प्रदेश (रघुनाथ प्रसाद शास्त्री): फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के दोस्तपुर शिवली के  त्यागी बाबा आश्रम पर आयोजित संगीतमय श्री रामकथा के चौथे दिन कथा के दौरान भगवान श्रीराम का जन्म हुआ।  कथा वाचक पंडित दयाशंकर आचार्य ने कहा की जब जब धरती पर पाप बढ़ा है तो भगवान ने किसी ना किसी रूप में जन्म लिया है। इस लिए रावन को मारने के लिए भगवान विष्णु ने अयोध्या में महाराज के यहां राम के रूप में जन्म लिया था।इस दौरान उन्होंने श्री रामकथा के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि रामकथा सुनने मात्र से मनुष्य के कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और हमेशा उस पर भगवान की कृपा बनी रहती है। इसलिए कुछ समय मनुष्य को भगवान की भक्ती करनी चाहिए और मनुष्य को धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। वहीं उन्होंने कई कथाओं के बारे में श्रद्धालुओं को बताया। इस दौरान श्रद्धालुओं को धार्मिक गीतों पर नृत्य करते हुए भी देखा गया। जिससे माहौल धर्ममय हो गया। इस दौरान राम भगवान की सजीव झांकी सजाई गई और श्रद्धालुओं ने राम भगवान के जन्म की बधाईयां गाई । कथावाचक सरोज शास्त्री ने बताया मनुष्य  को मोह माया से दूर रहकर कथा श्रवण करना चाहिए। नर्सिंग भगवान की कथा विस्तार से सुनाई कथा में समुद्र मंथन के प्रसंग में बताया कि मानव के जीवन में सुख और दुःख मंथन के रूप मे प्रकट होते है। इस दौरान नर्सिंग भगवान,भक्त प्रहलाद व वामन अवतार की सजीव झांकी सजाई गई।

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