उक्रांद जन मुद्दों के साथ है इस चुनाव में - शांति प्रसाद भट्ट

Publish 05-04-2019 19:49:21


उक्रांद जन मुद्दों के साथ है इस चुनाव में - शांति प्रसाद भट्ट


लंबे समय से जमा नहीं हुईं कर्मचारी भविष्यनिधि, प्रबंधन पर एफआईआर की तैयारी
कंपनी में गिर रही बंदी की गाज
अल्मोड़ा 19 सितम्बर
, जिले की सबसे बड़ी एवं वर्षों पुरानी आल्पस फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड कंपनी के पं्रबधन को लेकर बीते दिनों से उठ रहीं शिकायतों का संज्ञान लेते बुधवार को हल़्द्वानी स्थित क्षेत्रीय कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रवर्तन अधिकारियों (ईपीएफओ) कार्यालय की संयुक्त टीम ने फैक्ट्री में छापा मारा। इस दौरान टीम ने फैक्ट्री के तमाम कागजातों व अभिलेखीय साक्ष्यों को संग्रहित कर कब्जे में ले लिया है। ईपीएफ को लेकर मिली अनियमितता पर फैक्ट्री की बकाया धनराशि का आंगणन तैयार कर प्रबंधन पर अब एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाही की सोच रही है।
     गौरतलब है कि, पातालदेवी स्थित जिले की सबसे पुरानी ड्रग्स फैक्ट्री में कार्यरत करीब 138 कर्मचारियों बीते दिनों फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ ईपीएफ एवं वेतन में अनियमितता बरने का आरोप लगाते हुए आंदोलित थे। 75 लाख से भी अधिक की कर्मचारी भविष्य निधि व तनख्वाह जमा नहीं होने पर कर्मचारियों ने विगत 15 रोज से कर्मचारियों ने फैक्ट्री में उत्पादन पूर्णतः बंद कर दिया था। बुधवार को क्षेत्रीय कर्मचारी भविष्य निधि की टीम ने फैक्ट्री में मिल रहीं शिकायतों का संज्ञान लेते हुए छापेमारी की कार्रवाही की। टीम ने फैक्ट्री में अब तक के कर्मचारियों के बकाया राशि का संपूर्ण विवरण हासिल करने के बाद फैक्ट्री के तमाम कागजातों व अभिलेखीय साक्ष्यों को एकत्रित कर अपने कब्जे में ले लिए है। क्षेत्रीय ईपीएफ सुनील बब्बर ने बताया कि कंपनी के खिलाफ काफी समय से धारा- 7 ए के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही थी। इसके तहत जो भी कर्मचारी यहां काम करते हैं उनके ईपीएफ का निर्धारण ही नहीं पा रहा है। आज ईपीएफ एक्ट की धारा -13 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए फैक्ट्री में सर्च व सीज की कार्रवाई अमल में लाई गई है। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री से कब्जे में लिए अभिलेखीय साक्ष्यों एवं पत्राजातों का परिशीलन कर आंकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द की फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। बहरहाल, पकड़ में आईं अनियमितता के बार में उन्होनंे जॉच जारी होने का हवाला देते हुए कुछ भी बोलने से मना कर दिया। बुधवार को फैक्ट्री में छापा मारने वालों  में परवर्तन अधिकारी तरूण कुमार त्रिपाठी, हितेश बब्बर, सुनील बब्बर, विक्रम बोरा शामिल थे। यह चारों क्षेत्रीय कर्मचारी भविष्य निधि के परवर्तन अधिकारी के में हल्द्वानी में अधिकारी के पद पर तैनात हैं। इधर, फैक्ट्री में बुधवार को सर्च एंड सीज की कार्रवाई होने से कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। ईपीएफओ कार्यालय की टीम द्वारा की गई कार्रवाही के बाद से फैक्ट्री में कार्यरत 138 कर्मचारियों के भविष्य संकट में घिर गया है।

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