समता मूलक समाज के पुरोधा स्वर्गीय धर्मवीर सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किये

Publish 13-05-2019 15:23:20


समता मूलक समाज के पुरोधा स्वर्गीय धर्मवीर सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किये

कोटद्वार : रिटायर्ड डीएफओ,साहित्यकार, पर्यावरण विद , विचारक एवं समता मूलक समाज के पुरोधा स्वर्गीय   धर्मवीर सिंह जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के उद्देश्य से आर्यकन्या सभागार कोटद्वार में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गयी ज्ञातव्य है स्वर्गीय धर्मवीर सिंह रावत जी का दिनांक 9 मई 2019 को अपने आवास सूर्य नगर में ह्रदय गति बाधित होने से हो गया वह इससे पूर्व वह 23 अप्रैल से 7 मई तक एम्स रिषिकेश में भर्ती रहे वह अपने घर में पत्नी दो पुत्र दो पुत्रियों एवं नाती पोतों का भरा पूरा परिवार छोड़ गए कार्यक्रम से पूर्व उनके आवास पर चार दिनों तक शान्ति यज्ञ हुआ जिसे   नन्दन सिंह रावत जी ने संम्पन्न करवाया स्वर्गीय रावत जी का जन्म सन 1942 जाने माने स्वत्रंता संग्राम सेनानी एवं समाज सेवक  स्वर्गीय चन्द्र सिंह रावत के घर मे हुआ
श्रद्धांजलि सभा का संचालन अवकाश प्राप्त जिला आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ चन्द्र मोहन बड़थ्वाल ने किया एवं उनका जीवन परिचय पढ़ा कार्यक्रम के आरंभ में   नन्दन सिंह रावत ने दिवंगत आत्मा की शांति हेतु गीत प्रस्तुत किया आर्य समाज के पुरोहित   राम वीर जी गौड़ द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया गया कार्यक्रम में आर्यकन्या पाठशाला की पूर्व प्रधानाचार्य  उर्मिला रावत , पूर्व काबीना मंत्री   सुरेंद्र सिंह नेगी ,जिला उत्तरकाशी के पूर्व जिला बार कौन्सिल अध्यक्ष   आलेंद्र सिंह बिष्ट , डॉ एस0पी0 बूढ़ाकोटी, सुरेंद्र लाल आर्य अध्यक्ष आर्य गिरधारी लाल महर्षि दयानंद ट्रस्ट,   चक्रधर कमलेश डिग्री कॉलेज के अवकाश प्राप्त प्राचार्य एवं स्वतंत्रता संग्राम उत्तराधिकारी संघठन के अध्यक्ष डॉ0 एस.पी. बडोला वक्ताओं ने बताया कि स्वर्गीय रावत को बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बताया और याद किया कि किस प्रकार स्वर्गीय रावत जी ने सदैव कर्तव्य परायणता के साथ अपनी वन विभाग की सेवा में अपने दायित्वो का निर्वहन किया सेवा काल के पश्चात स्वर्गीय रावत लेखन तथा समाज सेवा के कार्यों में जुट गए उन्होंने कई पुस्तकों ,शोध पत्रों एवं पत्र पत्रिकाओं निरंतर लेखन किया एवं अंतिम समय तक निरन्तर समाज कार्यो एवं लेखन में सक्रिय रहे उनके द्वारा रचित पुस्तकों में तेजस्वनी, जीवन सांध्य, बूंद हूँ एक जानव्ही तोय की,पाँखे अनुभूति की आदि प्रमुख थे
स्वर्गीय रावत जी को अनेक संस्थाओं ने सम्मानित किया जिसमें भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा ने 2017 में अंबेडकर सम्मान से सम्मानित किया गया वह आर्य समाज, साहित्यांचल परिषद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन आदि संस्थाओं से जुड़े रहे. श्रद्धांजलि सभा मे   सत्यपाल सिंह नेगी   सुमन कोटनाला   मुजीब नैथानी,   आशुतोष वर्मा,   आनंद प्रकाश गुप्ता एवं   सुशील कुमार गुप्ता प्रधान आर्य समाज आदि मौजूद रहे सभी वक्ताओं ने स्वर्गीय रावत के व्यक्तित्व और कृतित्त्व पर प्रकाश डाला तथा शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में सम्बल प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की साथ ही यह कहा कि उनके निधन को समाज की अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि स्वर्गीय रावत के जाने से एक बहुत बड़ा वैचारिक शून्य उभर गया है जिसकी पूर्ति आसानी से नहीं होगी अंत मे स्वर्गीय रावत के पुत्र डॉ सत्यव्रत रावत एसोसिएट प्रोफेसर मेरठ विश्व विद्यालय ने सभी का आभार दिया सभा के अंत मे दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए दो मिनट का मौन एवं शान्ति पाठ किया गया

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