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    गुरुद्वारे में श्रद्धापूर्वक मनाया गया गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस

    07-06-2019 18:49:35

    कोटद्वार (गौरव गोदियाल):  गोविन्द नगर स्थित गुरुद्वारे में सिखों के पांचवे गुरु अर्जुन देव का शुक्रवार को शहीदी दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया। गुरुद्वारा में ज्ञानी परमजीत सिंह व सेवादार राजेन्द्र सिंह ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। सुबह सुखमनी साहिब के पाठ से दीवान शुरू हुआ। चालीस दिन से चल रहे लड़ीवार पाठ की समाप्ति के बाद लंगर व छबील का वितरण हुआ।


    ज्ञानी परमजीत सिंह (नैनीताल) ने संगत को बताया कि सिख धर्म को आगे बढ़ाने में गुरु अर्जुन देव जी का योगदान बेहद अहम रहा है। सिख धर्म के पांचवें गुरु अर्जुन देव जी ने ही सबसे पहले अमृतसर में स्वर्ण मंदिर की नींव रखी। साथ ही उन्होंने गुरुद्वारों में चार दरवाजों की भी रूप रेखा तय की। इसके पीछे तर्क था, 'मेरा विश्वास हर जाति और धर्म के शख्स में है। भले ही वे किसी भी दिशा से आये हों और कहीं भी अपना सिर झुकाते हों।' गुरु अर्जुन देव जी ने सभी सिखों को अपनी कमाई का एक दहाई भी दान देने का निर्देश दिया था। गुरु अर्जुन देव जी का सबसे बड़ा योगदान ये था कि उन्होंने सभी पहले के गुरुओं की लिखी हुई बातों को एक साथ संजोया जिसे आज हम 'गुरु ग्रंथ साहिब' कहते हैं। यह सिख धर्म से जुड़ा सबसे पवित्र ग्रंथ है। इस ग्रंथ के बाद कुछ शरारती तत्वों ने उनके खिलाफ शिकायत की। इसके बाद मुगल शासक जहांगीर के आदेश पर उन्हें शहीद कर दिया गया था ।इस मौके पर सरदार महेन्द्र सिंह ,सन्दिप सिंह ,रमेश भाटिया, राजू छावडा, राकेश अहूजा ,अशोक भाटिया ,गग्गू भाटिया व सभी साथ संगत मौजूद रही ।