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    दिव्यांग मतदाता जागरूकता अभियान रैली

    02-04-2019 18:17:13

    कालागढ़/पौड़ी । कालागढ़ की रामगंगा बांध परियोजना की कालोनियो मे  चल रही ध्वतीकरण की कार्यवाही दूसरे दिन भी जारी रही जिसमे करोड़ो रूपयो से निर्मित सरकारी आवासो व कार्यालयों  का ध्वस्तीकरण एनजीटी के आदेशो का सहारा लेकर प्रशासन कर दिया। जिसमे नई कालोनी में एसडीओ सिंचाई विभाग व पुलिस स्टेशन के साथ साथ सी व डी श्रेणी के सैंकड़ों आवासों को बेहरमी से ध्वस्त कर दिया ।लोगो के विरोध के चलते भारी पुलिसबल के साथ आवासों को जमीदोंज कर दिया गया जिससे सैकड़ो परिवार सड़क पर आ गए । लोगो के विनती और आँसुओ का भी किसी अधिकारी पर कोई फर्क नही पड़ा और एनजीटी के फैसले का हवाला देते हुए एक हस्ते खेलते शहर को कब्रिस्तान में बदल दिया । एनजीटी के फैसले के बारे मे विपक्षी दलो के नेताओ ने राज्य सरकार को आड़े हाथो लिया है।

    पूर्व काबीना मंत्री व क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्र सिंह नेगी, व पूर्व भाजपा विधायक शैलेन्द्र सिंह रावत का कहना है कि कालागढ़ के राजकीय आवासो मे गरीब गुरबा जनता किसी तरह सिर छिपाए है। कालागढ़ की भूमि को वन विभाग को सौंपे जाने के मामले मे जनता के हितो के लिए करोड़ो रूपयो की सम्पत्ति को ध्वस्त होने से बचाने के लिए राज्य सरकार को एनजीटी के फैसले के खिलाफ माननीय सुप्रिम कोर्ट की उच्च बैंच मे अपील करनी चाहिए थी। वहीं जनता के पुर्नवास के लिए राज्य सरकार को विधानसभा से बिल पारित कर उसे केन्द्र को भेजा जाना चाहिए था। कांग्रेस नगर अध्यक्ष आकाश्दीप शर्मा का कहना है कि जनता बेघर हो रही है ऐसे में सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिए थे। भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष राजकुमार का कहना है कि यहां की समस्याओ से क्षेत्रीय विधायक व उच्च अधिकारियो को लिखा जाता रहा है। और आखिरी सांस तक लड़ते रहेंगे वहीं भाजपा के बौद्धिक प्रकोष्ठ के मंडल अध्यक्ष वीएन सिंह यादव का कहना है कि जनता के हितो के लिए माननीय सुप्रिम कोर्ट मे आवेदन किया गया था। जिसके आदेश मे राज्य सरकार को यहां की जनता बेदखली उन पर मुकदमे चलाकर करने को कहा गया था। जिसका पालन यहां नही किया गया है ।


     डाकघर व गैस ऐजेंसी को अभियंता अकादमी के हास्टल एक मे स्थानांतरित किया गया है। लगभग पांच दिनो से दोनो ही कार्यालयो के अस्तित्व मे न आने के कारण जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कालागढ़ की भूमि को वन विभाग को सौंपे जाने को लेकर प्रशासन से नोकझोंक के बीच भवनो को दूसरे दिन बड़ी संख्या में गिरा दिया गया ।

    "धार्मिक स्थलों पर भी तना बुलडोजर"
    ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के दौरान धार्मिक स्थल भी इसकी जद में आये नई कालोनी स्तिथ रामलीला मंच के टीन शेड को तोड़कर भूमि वन विभाग को सौंपी गई वही जब प्रशासन का बुलडोजर नई कालोनी स्तिथ शिव मंदिर की और बढ़ा तो भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए और प्रशासन का भारी विरोध शुरू हो गया जिसके लिए एसडीएम ने आईआरबी की टीम को बुलाया और लाठियां फटकारी । परन्तु जनता के भारी विरोध के चलते प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के बाद मंदिर के ऊपर कोई कार्यवाही नही की गई । परन्तु रामलीला मंच के टीन शेड , ईदगाह व हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रतीक राम रहीम भवन को तोड़ने से लोगो की भावनाएं आहत हुई ।

    "लोगो ने किया पलायन सुनसान हुई बस्ती"
    प्रशासन की बड़े स्तर पर हुई बेदखली की कार्यवाही से लोग सदमे में है । किसी के आंसू नही रुक रहे तो कोई सड़क पर ही अपना सामान लेकर बैठा हुआ है । प्रशासन की हुई इस विध्वंसक कार्यवाही से कालागढ़ के लोगो का मानवता से विश्वास उठ गया है । रोते बिलखते चेहरों के बीच दिन भर लोग वाहनों से अपना सामान लेकर पलायन करते रहे ।लोगो के पलायन के बाद पूरे शहर में सन्नता पसरा रहा वही कई परिवार ऐसे भी रहे जो अपना सारा सामान लेकर सड़को पर बैठे रहे । प्रशासन की हुई इस कार्यवाही के बाद सैकड़ो परिवारों के सिर से छत छीन गयी और आशियाना उन गरीबो के लिए अब सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने खड़ा है ।