गरीब, दबे कुचले लोगों के समग्र विकास के लिए संविधान में मौलिक अधिकार- पूर्व मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी

Publish 14-04-2019 19:20:35


गरीब, दबे कुचले लोगों के समग्र विकास के लिए संविधान में मौलिक अधिकार-  पूर्व मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी

कोटद्वार। संविधान निर्माता भारत रत्न डा. भीमराव अम्बेडकर ने समाज के गरीब, दबे कुचले लोगों के समग्र विकास के लिए संविधान में मौलिक अधिकार दिये जाने से आज भारत में रहने वाले गरीब परिवार निरंतर विकास की दौड़ में आगे बढने का प्रयास कर रहे है, हालांकि अभी भी समाज में अधिकारों के प्रति जागरूकता का अभाव होने से लोगों अपने अधिकारों का भरपूर लाभ उठाने में समर्थ नहीं हो पा रहे है। उक्त विचार प्रदेश के पूर्व काबीना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने रविवार को डा. भीमराव अंम्बेडकर की 128वीं जयंती समारोह के मौके पर व्यक्त किये। बीईएल स्थित सभागार में एससटी एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित डा. भीमराव अम्बेडकर की 128वीं जंयती का शुभारम्भ करते हुए पूर्व काबीना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने संविधान निर्माता डा. भीमराव अम्बेडकर को बहुआयामी प्रतिभा का धनी व्यक्ति बताते हुए कहा कि भीमराव अम्बेडकर एक व्यक्ति नहीं बल्कि दूरदृष्टि रखने वाले महान पत्रकार, साहित्यकार, दार्शनिक एवं हर विषय के ज्ञाता थे। उन्होंने भारत के संविधान निर्माण में समरसता की बात करते हुए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते हुए देश में रह रहे समाज के दबे, कुछले, असहाय लोगों को जीने के लिए संविधान में मौलिक अधिकारों को निहित किया है। उन्होंने कहा कि बाबा साहिब डा. भीमराव अम्बेडकर ने शिक्षित बनो, संगठित रहो तथा संघर्ष करो का नारा देकर समाज में एक क्रांति का सूत्रपात करते हुए नये युग का शुभारम्भ किया था। उन्हीं की बदोलत आज देश में गरीबों, दलितों, पिछडों तथा असहाय लोगों को न्याय मिल पा रहा है, उन्होंने कहा कि अभी भी समाज में जागरूकता के अभाव में लोग अपने मौलिक अधिकारों से वंचित हो रहे है। इस मौके पर विभिन्न विद्यालयों के 35 छात्र-छात्राओं को स्कूली ड्रेस व बस्ते वितरित किये गये। साथ बच्चों के द्वारा देशभक्ति के कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये। इस मौके पर एसटी एसोसिएशन के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह, बीईएल के उप महाप्रबंधक डीके गुप्ता, विशु प्रभाकर, डा. हरेन्द्र रावत, क्षेत्रपाल सिंह, मिथलेश, सोहन लाल, हिमांशू सहित कई लोग मौजूद थे।