राज्य आंदोलनकारियों ने कोटद्वार में दिया धरना

Publish 24-06-2019 20:57:27


राज्य आंदोलनकारियों ने कोटद्वार में दिया धरना

कोटद्वार । राज्य आंदोलनकारियों ने स्पष्ट नीति बनाए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर तहसील परिसर में दो दिवसीय धरना शुरू कर दिया है। सोमवार को पार्षद गायत्री भट्ट के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने तहसील परिसर में धरना दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि आंदोलनकारी पिछले काफी समय से स्पष्ट नीति बनाए जाने सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैंए लेकिन प्रदेश सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। जिससे आंदोलनकारियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के 19 साल बीत जाने के बावजूद भी अभी तक राज्य आंदोलनकारियों के लिए स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई है। आंदोलनकारियों ने 31 दिसंबर 2019 से पूर्व जिलाधिकारी कार्यालयों में चिन्हिकरण के लिए लम्बित आंदोलनकारियों के आवेदनों का तहसील स्तर पर अधिसूचना ईकाई द्वारा जांच करवाकर एक निश्चित अवधि तक निस्तारण करवाने ऐसे चिन्हित राज्य आंदोलनकारी जो पेंशन की पात्रता रखते हो और उनकी मृत्यु हो चुकी है उनके आश्रितों को पेंशन के दायरे में लाकर आंदोलनकारियों की भांति सुविधायें प्रदान करनेए सभी आंदोलनकारियों को एक समान पेंशन की सुविधा प्रदान करनेए आंदोलनकारियों के 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पर पुनरू विधेयक लाने की मांग प्रदेश सरकार से की है। उन्होंने कहा कि विभिन्न न्यायालयों में मुज्जफरनगर कांड व सीबीआई से सम्बन्धित वाद उत्तर प्रदेश में लम्बित हैंए उक्त प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए महाधिवक्ता उत्तराखण्ड की अध्यक्षता में स्थाई अधिवक्ता उत्तराखण्ड सरकार  चिन्हित आंदोलनकारी अधिवक्ताओं की उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाय। जो न्यायालय में ठोस तरीके से पैरवी कर सके। धरना देने वालों में महेन्द्र सिंह रावत सुरेश कोठारी पिताम्बर दत्त बड़थ्वाल लीलावती दुर्गा काला मंजू कोटनाला पार्वती अधिकारी शशि किरण कंडवाल मंजू जखमोला इंदू जुयाल कुसुमलता हरि सिंह रावत किशोरी लाल राम कुमार माहेश्वरी कमल किशोर खंतवाल मुन्नी कंडवाल  सुल्तान आनन्दी कुकरेती हयात सिंह गुसांई गुलाब सिंह रावत राकेश चन्द्र लखेड़ा लक्ष्मी डोबरियाल सरस्वती देवी लक्ष्मी रावत ध्यान सिंह रावत अनुसूया प्रसाद प्रेम सिंह विदंवाल राजेश सिंह रावत आदि शामिल थे।

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