प्रेरणा कोचिंग में सहायक निदेशक सूचना ने दिए विधार्थियों को टिप्स

Publish 04-05-2019 15:48:49


प्रेरणा कोचिंग में सहायक निदेशक सूचना ने दिए विधार्थियों को टिप्स

हरिद्वार : जनपद हरिद्वार में जिला प्रशासन की मदद से प्रेरणा निशुल्क कोचिंग सेन्टर एवं कौशल विकास केन्द्र में एक मोटिवेशनल सत्र में सहायक सूचना निदेशक मनोज श्रीवास्तव द्वारा लेक्चर दिया गया। यह कोचिंग जिलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत , मुख्य विकास अधिकारी विनीत तोमर के निर्देशन में चलाई जा रही है। इस कोचिंग को संचालित करने में समन्वयक सांख्यकीय अधिकारी सुभाष सिंह शाक्य विशेष भूमिका है।


सहायक निदेशक सूचना ने दिए विधार्थियों को टिप्स
सहायक निदेशक सूचना मनोज श्रीवास्तव ने प्रेरणा कोंचिंग सेंटर में अध्यनरत विधार्थियों को टिप्स दिए और साथ ही विधार्थियों को हिचक व जिज्ञासाओं को दूर किया गया. सहायक निदेशक ने विधार्थियों को प्रतियोगी परीक्षांओ हेतु महत्वपूर्ण सुझाव जिसमे उन्होंने विधार्थियों को बताया कि क्या पढ़ने से अधिक जरूरी है, कि क्या न पढ़ा जाए, किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी 04 वर्ष पूर्व प्रारम्भ कर देनी चाहिए,  एक दिन 10 घंटे पढ़कर 03 दिन आराम करने से अधिक अच्छा है कि 02 घंटे रेगुलर पढ़ा जाए और साथ ही सहायक निदेशक ने विधार्थियों को कहा कि वह कोचिंग से अधिक सेल्फ कोचिंग पर भरोसा रखें, बहुविकल्पीय प्रश्न के चारों विकल्प अनिवार्य रूप से पढ़ें। ध्यान से पढ़ें कि क्या पूछ रहा है अथवा नहीं पूछ रहा है, परीक्षा के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार हो जाएं। यह प्रयोग साक्षात्कार के समय भी कर लिया जाए, परीक्षा से 24 घण्टे पूर्व रिवीजन कर लें, परीक्षा से पूर्व पर्याप्त नींद ले लें, परीक्षा हाॅल में ऊर्जा बनाए रखने के लिए चाकलेट एवं ग्लूकोज का प्रयोग कर सकते हैं , हाॅल में प्रवेश के पूर्व शौचालय का प्रयोग कर लें, पैन, पेन्सिल, स्केल एवं घड़ी इत्यादि की चैकिंग कर लें, प्रवेश पत्र को चैक कर लें। कापी मंे अनुक्रमांक जांच लें।, टाइम मैनेजमेंट पर बल दें। सभी को ईश्वर ने एक दिन में 24 घंटे दिये हैं।, हमेशा लक्ष्य बड़ा रखें, यूपीएससी में बिना तैयारी के परीक्षा न दें, अटेम्प खराब न करें, सफलता के लिए योजनाबद्ध ढंग से तैयारी करने की आवश्यकता होती है। दृढ निश्चय अर्थात् अपने निर्णय के प्रति दृढ़ता इसमें हमें सहयोग प्रदान करती है, लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहें एवं सदैव याद रखें कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता, किसी विषय पर 100 पुस्तकें पढ़ने से अच्छा है कि उस विषय पर एक ही पुस्तक को 100 बार पढ़ा जाए। साथ ही सहायक निदेशक ने प्रेरणा कोचिंग में विध्र्थियो से कहा कि अध्ययन को केवल सफलता पाने या रोजगार पाने तक ही सीमित न रखें, बल्कि जीवन की समस्याओं एवं असफलताओं को कैसे हैन्डल किया जाता है, इसे भी सीखना जरूरी है। , उत्तर प्रश्नों के अनुरूप हों इसका ध्यान रखें। लेखन साफ-सुथरा रखें। परीक्षा के दौरान समय प्रबन्धन का अत्यधिक महत्व है, .प्रश्न का उत्तर लिखते समय टू द पॉइंट रहे। अनर्गल बातो से बचे और बार - बार प्रश्नपत्र पर निगाह डालते रहे, हर व्यक्ति में अलग- अलग विशिष्टताएं होती हैं, अपनी विशिष्टताओं को पहचाने एवं अपने स्वभाव और प्रकृति के अनुसार तैयारी करें व अपना रोल माॅडल स्वयं बनें।

क्या है प्रेरणा कोंचिंग
इस कोचिंग की संस्थापक तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी स्वाति एस भदौरिया है। इसी संकल्पना पर चमोली जनपद में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया एवयं जिलाधिकारी अल्मोड़ा नितिन भदोरिया ने अपने जनपद में संचालित कर रहे। इसी संकल्पना पर पूरे उत्तराखंड राज्य में निशुल्क कोचिंग स्थापित करने की योजना है। निशुल्क कोचिंग के रूप में विशेष रूप से उन बच्चों की मदद करना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण कोचिंग से वंचित रहते हैं अथवा किसी जिम्मेदारी के कारण तैयारी हेतु दिल्ली इत्यादि नहीं जा सकते हैं। यह विशेष रूप से महिलाओं को पर्याप्त अवसर प्रदान करने के लिए प्रारम्भ किया गया है। प्रेरणा निशुल्क कोचिंग सेन्टर एवं कौशल विकास केन्द्र में प्रवेश का आधार एन्ट्रेंस या मेरिट है। इसका रिजल्ट इसलिए भी सकारात्मक रहा है कि इसमें समय-समय पर जनपद के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं जनपद स्तरीय आईएएस/पीसीएस अधिकारी अपने अनुभव एवं मार्गदर्शन देते रहते हैं।

 

 

To Top