मोदी देश के अब तक के सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री साबित हुए हैं - कोश्यारी

Publish 03-04-2019 20:50:31


मोदी देश के अब तक के सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री साबित हुए हैं - कोश्यारी


 पेशेवर काण्ड के महानायक वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली के परिवार को किया अतिक्रमण कारी घोषित
कोटद्वार | 
स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत में आज तक शौर्य पराक्रम बलिदानों की अमर गाथाएं और इतिहास संजोये उत्तराखंड राज्य भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में अपनी एक अलग ही पहचान रखता है। उत्तराखंड के वीरों  की शौर्य पराक्रम और बलिदानों की गाथाएं आज भी सबको रोमांचित करती है। मगर विडंबना देखिए देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ दाव पर लगा देने वाले नायकों  में से एक महानायक  के परिवार को शासन प्रशासन की दरियादिली ने  अतिक्रमणकारि घोषित कर दिया। उत्तराखंड बनने के बाद किसी एक नाम पर अगर सबसे ज्यादा राजनीति हुई तो इस महानायक के नाम पर हुई है चाहे कांग्रेस की बात करें या भाजपा  की इस नायक को हर किसी ने अपने हिसाब से भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी किसी ने इनके नाम पर योजनाएं चलाई तो किसी ने अपनी राजनीतिक दुकान। समय का कालचक्र देखिए महानायक का मूल परिवार आज  सड़क  पर आ खड़ा हो गया है आज नियमों और कानूनों का हवाला देकर महानायक के  परिवार वालों को बेदखल करने का नोटिस जारी कर यह साबित कर दिया कि  आजादी के इस महानायक के परिवार वालों के प्रति हमारा शासन और प्रशासन कितना सम्मान रखते हैं। इस बात का अंदाजा बेदखली के सरकारी  नोटिस से लगाया जा सकता है।

बताते चले कि 25 अप्रैल 1930 को पेशावर कांड के नाम से जाने जाने वाला वह दिन  भारत मां की आजादी के लिए लड़ रहे निहत्थे पठानो गोलियां चलाने से मना करने वाले महानायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उनके सहयोगी रहे 61  साथियों  को अंग्रेजों ने कठोर कारावास की  सजा दी।  और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के पैतृक गांव की भूमि और आवास को अंग्रेजों ने कुर्क कर दिया था दरअसल चार दशक पूर्व उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंती नंदन बहुगुणा के शासनकाल में गढ़वाली जी  को आवास निर्माण के लिए कोटदार भाबर के ग्राम हलदूखाता में  वन विभाग की 10 एकड़ भूमि दी गई थी। जिसका हर 30 वर्ष में नवीकरण होना था। परंतु परिवार वालों की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण 1979 के बाद  लीज जमा नहीं हो पाई  और नतीजा वन प्रभाग बिजनौर के द्वारा गढ़वाली के वंशजों को लीज जमा ना करने के कारण अतिक्रमणकारी घोषित कर भूमि खाली कराने के निर्देश दे दिए हैं।
वही वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जी की पुत्रवधू विमला गढ़वाली देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई की पेशावर कांड के महानायक के परिवार को इस प्रकार से क्यों बार-बार दुखी किया जा रहा है। क्यों हम को बार-बार बेदखल करने के नोटिस जारी किए जाते हैं। अगर हमारे लिए भारत में जगह नहीं है तो हमें पेशावर भेज दिया जाए।