जिस विश्वास से कथा श्रवण की जाती है उतना ही अधिक फल मिलता हैः कथा वाचक

Publish 07-06-2019 19:41:48


 जिस विश्वास से कथा श्रवण की जाती है उतना ही अधिक फल मिलता हैः कथा वाचक

थराली (रमेश थपलियाल)। चमोली जिले के थराली में आयोजित भागवत कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को कथावाचक आचार्य भुवन चंद्र उप्रेती ने कहा कि एकाग्रचित होकर सुनना चाहिए जितने विश्वास के साथ हम भगवान की कथा सुनते हैं उतना ही फल हमें अधिक प्राप्त होता है। दुनिया में कोई भी ऐसा कार्य नहीं है जो भगवान की कथा से बड़ा है।
तीसरे दिन की कथा मे व्यास आचार्य ने परीक्षित महाराज के प्रसंग को प्रारम्भ करते हुए कहा की जब परीक्षित महाराज को पता चला कि सातवें दिन उनकी मृत्यु निश्चित है तो अपना सब कुछ त्याग दिया और शुक्रदेव से पूछा जिसकी मृत्यु निश्चित हो उसे क्या करना चाहिए। शुकदेव ने परीक्षित महाराज से कहा हे राजन् जिस की मृत्यु निश्चित हो उसे भागवत कथा श्रवण करनी चाहिए। उसी प्रकार हमें भी सच्चे मन से भागवत कथा श्रवण करनी चाहिए और भगवान की भक्ति करनी चाहिए। कहा कि यदि हमें कष्ट से बचना है, जीवन-मरण के चक्कर से मुक्त होना है और मोक्ष को प्राप्त करना है तो प्रभु से किया हुआ वादा निभाना होगा।

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