जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने 20 विद्यालयों को माॅडल स्कूल के रूप विकसित करने के लिए चयनित किया

Publish 06-12-2018 20:35:53


जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने 20 विद्यालयों को माॅडल स्कूल के रूप विकसित करने के लिए चयनित किया

चमोली(संतोष):  चमोली में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की खास पहल पर जिले की 20 विद्यालयों को माॅडल स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए चयनित किया गया है। इसके पहले चरण के तहत इन सभी स्कूलों में अध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए ई-लर्निंग की व्यवस्था की जा रही है। वही वाॅल पेंन्टिग के माध्यम से बच्चों को ज्ञानबर्धक संदेश पहुॅचाने के साथ-साथ इन विद्यालयों में सैनेटरी नैपकिन वैडिंग मशीन भी लगायी जा रही है।

स्कूलों में अध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए ई-लर्निंग व्यवस्था शुरू करने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी ने क्लेक्ट्रेट सभागार में स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि द सिक्स सेंस एजुकेशन और हिमालयन एण्ड रिसोर्स डेवलपमेंट सोसाईटी में से जिस भी स्वयं सेवी संस्था के कन्टेंट्स इफेक्टिव पाये जायेगें, उस संस्था के साथ ई-लर्निंग के लिए शीघ्र ही एमआयू साईन किया जायेगा। उन्होंने स्वयं सेवी संस्था को ई-लर्निंग के लिए चयनित स्कूलों में प्रोजेक्टर, एलईडी टीवी तथा इंनवल्टर की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर भी ई-लर्निंग व्यवस्था सुचारू रहे। जिलाधिकारी ने संस्था के माध्यम से तैयार किये गये ई-लर्निंग प्रोग्राम की खामियों को शीघ्र दूर करने तथा चयनित विद्यालयों में तत्काल ई-लर्निंग शुरू कराने के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिये। कहा कि ई-लर्निंग से जहाॅ अध्यापकों की कमी दूर होगी वही बच्चों को पढाई की अच्छी सुविधा मिलेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि माॅडल विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए पहले चरण के तहत चयनित विद्यालयों में स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से सैनेटर नैपकीन वैडिंग मशीनें भी लगायी जायेंगी। जिसके लिए एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड तथा  नन्दादेवी महिला लोक विकास समिति गोपेश्वर में से अच्छी सर्विस देने वाली संस्था के साथ शीघ्र ही एमओयू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इन सभी विद्यालयों में शीघ्र ही पर्याप्त फर्नीचर की आपूर्ति भी की जायेगी।

इस दौरान हिमालयन एण्ड रिसोर्स डेवलपमेंट सोसाईटी ने अपने ई-लर्निंग प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी। बताया कि संस्था ने गणित, सांइस तथा अंग्रेजी विषयों पर कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों के लिए मल्टीमीडिया के माध्यम से खास ई-लर्निंग प्रोग्राम तैयार किया है। वही एचएलएल तथा श्री नन्दादेवी महिला लोक विकास समिति ने विद्यालयों में सैनेटरी नैपकिन वैडिंग मशीन उपलब्ध कराने हेतु अपने प्रस्ताव जिलाधिकारी के समक्ष रखे।

माॅडल विद्यालय बनाने के लिए पहले चरण के तहत राइका बडागांव, घिंघराण, गोपेश्वर, पीपलकोटी, नन्दप्रयाग, घाट, लंगासू, कर्णप्रयाग, नैणी, नागनाथ पोखरी, कुलसारी, पैतोली, थराली, लोल्टी, देवाल, गैरसैंण, भराडीसैंण तथा जीजीआईसी गोपेश्वर व गौचर एवं रा0उ0मा0वि0 विजयसैंण का चयन गया है। जिलाधिकारी की पहल पर इन विद्यालयों में सौदर्यीकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। विद्यालय भवनों की दीवारों व गैलरियों में संदेशपरक वाॅल पेंन्टिग का कार्य प्रगति पर है। डीएम की इस अनोखी पहल से जहाॅ स्कूल भवनों की सुदंरता मे में निखार आ रहा है, वही विद्यार्थियों को दीवारों पर बनाई जा रही पेंन्टिंग के माध्यम से कुछ न कुछ ज्ञानबर्धक संदेश मिल रहा है। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी हसांदत्त पांडे, कोषाधिकारी दीपक चन्द्र भट्ट, मुख्य शिक्षा अधिकारी एलएम चमोला सहित शिक्षण संस्थाओं के अध्यापक व एनजीओ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

 

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