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देवसारी जलविद्युत परियोजना के प्रभावितों ने बिना सहमति भूमि अधिग्रहण किये जाने का किया विरोध

12-11-2019 18:46:01

थराली (चमोली)। मंगलवार को चमोली जिले के देवाल में प्रस्तावित देवसारी जलविद्युत परियोजना के प्रभावितो ने बिना कास्तकारो की सहमति के भूमि अधिग्रहण किये जाने के प्रयासो का विरोध करते हुए उपजिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौपा।

देवाल के पूर्व ब्लाक प्रमुख डीडी कुनियाल, प्रदीप कठैत, देवसारी के पूर्व क्षेपस हरेंद्र बिष्ट, पुष्कर सिंह बिष्ट, कुंदन परिहार, सुरेंद्र परिहार, प्रताप सिंह कठैत, नंदन सिंह, चंदन कठैतए दिनेश बिष्ट ने तहसील कार्यालय थराली में एसडीएम केएस नेगी से भेंट कर बताया की एसजेवीएन की ओर पिंडर नदी पर 252 मेगावाट का देवसारी जल विद्युत परियोजना का निर्माण प्रस्तावित हैं। जिस में देवसारी एंव सोडिग गांव के करीब ढाई दर्जन से अधिक परिवारो का विस्थापन होना हैं। साथ ही कई अन्य परिवार भी इस परियोजना के निर्माण से प्रभावित हो रहे है। लेकिन कार्यदायी ऐजेंसी की ओर से अभी तक भी विस्थापित व प्रभावित परिवारो को दिये जाने वाली सुविधाओ की जानकारी नही दी गई है। आरोप लगाते हुए कहां की ग्रामीणो को कंपनी किसी भी तरह से विश्वास में नही लिया गया हैं। साथ ही कार्यदायी ऐजेंसी के अधिकारी, कर्मचारी प्रभावित परिवारो से आधार कार्ड, पास बुक, दो-दो फोटो जोर जबर्दस्ती मांगे जा रहे हैं। जिस से ग्रामीणो मे रोष व संदेह उत्पन्न होने लगा हैं।

जिलाधिकारी को भेजे गये ज्ञापन में इस बात पर भी रोष व्यक्त किया गया की निर्माण कंपनी की ओर से पिछले दो वर्षाे से प्रभावितो के साथ किसी भी तरह की बैठके आयोजित नही की गई जिस से कंपनी पर से ग्रामीणो का विश्वास पूरी तरह से उठ गया हैं। कहा कि जब तक ग्रामीणों के संदेह को दूर नहीं किया जाता है तब जब तक प्रभावित अपने जरूरी दस्तावेज एसजेवीएनएल अथवा प्रशासन को नही सौंपेगे कहां की जरूरी हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।