श्रीमद् भागवत कथा में हुआ कृष्ण जन्मोत्सव का मंचन

Publish 09-06-2019 20:14:52


श्रीमद् भागवत कथा में हुआ कृष्ण जन्मोत्सव का मंचन

थराली (रमेश थपलियाल)। चमोली जिले के थराली में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के पंचम दिवस पर कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाने के साथ ही झांकी निकाल कर कृष्ण जन्म का मंचन किया गया। पांचवे दिन की कथा  प्रारम्भ करते हुये कथा व्यास भुवन चंद्र उप्रेती ने कहा कि जिनको काम प्रिय है वे प्रभु की कथा को नही सुन सकते और जिनको श्याम प्रिय है वे अपना सारा काम छोड़कर प्रभु की कथा सुनने के लिए पहुंचते हैं। मानव जीवन का एक सच है और उस सच का नाम है मृत्यु। जब हमें पता है की हमारी मृत्यु निश्चित है, हम खाली हाथ आये थे और खाली हाथ ही जायेंगे तो क्यों न हम इस जीवन को धर्म के कार्यों में लगायें। ताकि सदगति को प्राप्त हो सकें।
कथा व्यास ने कहा कि हमें भगवान की भक्ति बिना कोई दिखावा के करनी चाहिए क्योंकि जब पुतना राक्षसी अपना रूप बदलकर कृष्ण भगवान को मारने आई तो प्रभु ने अपनी आंखें बंद कर ली थी उसी प्रकार जब हम किसी भी प्रकार का दिखावा करके भगवान की वंदना करते हैं तो भगवान हमारी वंदना को स्वीकार नहीं करते। अगर हम सच्ची श्रद्धा और बिना कोई दिखावा किए प्रभु की भक्ति करते हैं तो प्रभु हमें अपनी छ्त्रछाया में लेकर हमारे जीवन के साथ-साथ हमारी मृत्यु को भी सवांर देते है।

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