बाल सुरक्षा को लेकर हुई बैठक, बढ़ती बाल मजदूरी पर जताई चिंता

Publish 12-06-2019 20:30:52


बाल सुरक्षा को लेकर हुई बैठक, बढ़ती बाल मजदूरी पर जताई चिंता

गोपेश्वर/चमोली (जगदीश पोखरियाल)।  चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकास खंड के हडाकोटी प्रशिक्षक केंद्र में बाल सुरक्षा को लेकर हिमाद संस्था के माध्यम से बुधवार को एक बैठक की गई जिसमें बढ़ती बाल मजदूरी पर चिंता जताते हुए इसे रोकने के लिए सामुहिक प्रयास करने की बात कही गई।
हडाकोटी में आयोजित बैठक में बोलते हुए हिमाद संस्था के सचिव उमाशंकर बिष्ट ने कहा कि बचपन जीवन का महत्वपूर्ण भाग है, लेकिन अगर इस उम्र में बच्चों को खेलने कूदने के बजाय निर्माण कार्यों, जोखिम भरे कार्य करना पड़े तो बालक बाल मजदूर बन जाते है।  वर्तमान दौर में बाल मजदूरों की संख्या विकराल रूप ले रही है। जो एक चिंता का विषय है।  बच्चे गरीबी, लाचारी और माता-पिता के प्रताड़ना के चलते बाल मजदूरी के दलदल में फंसते चले जा रहे हैं। कहा कि बाल मजदूरी को रोकने के लिए 1986 में बालश्रम कानून बनाया गया है तथा समय-समय पर बालश्रम को कम करने के लिए कानूनों में बदलाव भी किया गया है। साथ ही बाल मजदूरी को अपराथ माना गया है। कहा कि जनवरी 2005 में नेशनल चाइल्ड लेबर स्कीम को भी संचालित किया गया है बावजूद इसके आज भी विभिन्न निर्माण कार्यों, होटल, ढाबों में बाल मजदूरों की संख्या बढ़ती जा रही है। कहा कि बाल मजदूरी को रोकने के लिए सामुदायिक संगठनों, जन संगठनों पंचायत प्रतिनिधियों को सामूहिक पहल कर बच्चें को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पहल करनी होगी।
इस अवसर पर हिमाद की चाइल्ड लाइन समन्वयक प्रभा रावत ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार एवं चाइल्ड लाइन फाउण्डेशन नई दिल्ली के सहयोग से माह जून में बाल मजदूरी को कम करने के लिए सामुदायिक संगठनों के साथ जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत बाल मजदूरों को चिह्नित कर श्रम विभाग के सहयोग से ऐसे बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने का प्र्रयास भी चाइल्ड हेल्प लाइन के माध्यम से किया जा रहा है। बैठक में नीरज नेगी, पंकज पुरोहित, संतोषी, पूजा, भरत नेगी, महिपाल सिंह, रणजीत आदि ने अपने विचार रखे।

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