सरकार से की आंदोलनकारियों के मुकदमें वापस लेने की मांग, आंदोलन के लिए बनी कमेठियां

Publish 30-04-2019 19:01:12


सरकार से की आंदोलनकारियों के मुकदमें वापस लेने की मांग, आंदोलन के लिए बनी कमेठियां

गैरसैण (महेशानंद जुयाल)। चमोली जिले के गैरसैण के रामलीला मैदान मंगलवार को स्थायी राजधानी संघर्ष समिति के तत्वाधान में आन्दोलनकारियों की एक बैठक संपन्न हुई। स्थायी राजधानी के आंदोलन को गति देने के लिए कमेठियों के गठन के साथ पूर्व में हुए आंदोलन में आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिये जाने की मांग भी सरकार से की गई।
मंगलवार को गैरसैण में संपन्न बैठक में  चमोली, अल्मोडा, रूद्रप्रयाग के स्थायी राजधानी आंदोलन के आंदोलनकारियों ने भाग लिया। बैठक में स्थायी राजधानी आंदोलन को गति देने के लिए महिला और पुरूष की अलग अलग कमेटियों का गठन किया गया है। जिसमें महिला कमेटी में ब्लाक प्रमुख सुमती बिष्ट, कृष्णा नेगी, सरोज शाह, कमला पंवार, गोविंदी देवी और पुरूष कमेटी में संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, पूरन सिंह नेगी, सुरेन्द्र सिंह बिष्ट, जसवंत सिंह बिष्ट, धनीराम, विरेन्द्र लाल आर्य, दर्शन सिंह मढवाल, लक्ष्मण खत्री को नामित किया गया है जो कि आंदोलन को आगे गति देने में अहम भूमिका निभायेंगे। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि जिन 38 आंदोलनकारियों पर 2018 के विधान सभा सत्र के दौरान आंदोलन करने के लिए विभिन्न धाराओं में मुकदमें दर्ज है कोई भी जमानत नहीं करयेगा और अदालत की निर्धारित तिथि तीन मई के स्थान पर अन्य अगली तिथि को अदालत में पेश होने के लिए आवेदन किया जायेगा। बैठक के उपरांत आंदोलनकारियों ने उप जिलाधिकारी गैरसैंण के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन भेजा गया। जिसमें आंदोलनकारियों पर लगे मुकदमे को वापस लेने तथा गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग की गई है। बैठक की संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, उत्तराखंड पीपुल्स पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, राजधानी संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष चारू तिवारी, यूकेडी के पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, अल्मोडा के जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र नेगी, प्रकाश जोशी, रूद्रपयाग के मोहित डिमरी, सत्यपाल सिंह नेगी, कुलदीप, ब्लाक प्रमुख सुमती बिष्ट आदि मौजूद थे।

To Top