राशिफल व पञ्चांग 29 जनवरी 2019

Publish 28-01-2019 19:28:26


राशिफल व पञ्चांग 29 जनवरी 2019


अल्मोड़ा (शिबेन्द्र गोस्वामी)|  मानसरोवर यात्रा की तर्ज पर चलने वाली आदि कैलाश यात्रा का चौथा दल काठगोदम से यहां अल्मोड़ा के पर्यटक आवास गृह में दोपहर पहुंचा। सोमवार को रात्रि विश्राम करने के बाद दल मंगलवार को सुबह पांच बजे अगले पड़ाव धारचूला के लिए वाया सेराघाट होते हुए रवाना होगा। इस दल में कुल 28 यात्री शामिल हैं, यह यात्रा कैलाश पर्वत तक की जाती है।
   सोमवार को आदि कैलाश (छोटा कैलाश) का चौथा दल कुमाऊं मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस में पहुंचा। जहां उनका स्वागत बुरांश के जूस एवं अल्मोड़ा की प्रसिद्ध बाल मिठाई के साथ किया गया। इस दल में  उत्तराखंड के केवल दो, गुजरात के ग्यारह, मुंबई के एक, कोलकाता के चार, दिल्ली के आठ एवं पूना के दो यात्री शामिल है। उत्तराखंड के नैनीताल के ऊषा मोंगे सबसे अधिक उम्र दराज 71 वर्षीय है और सबसे कम 38 वर्षीय अहमदाबाद के हरीश हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा रूट में टेªेकिंग को लेकर वह काफी उत्साहित है। हॉली डे होम अल्मोड़ा में स्वागत करने वालों में केएमवीएन के प्रबंधक शीला साह ने बताया कि छोटा कैलाश का चौथा दल यहां होली डे होम पहुंच गया है। जहां केएमवीएन के स्टाफ अर्जुन सिंह, रूप बहादुर, नरेश कुमार, पर्यटन यूनियन के कोषाध्यक्ष महेश कुमार, कपिल कुमार, योगेश गर्ब्याल, राकेश कुमार आदि सभी यात्रियों को स्वागत किया।  


आदि कैलाश का यात्रा रूट
कैलाश मानसरोवर यात्रा की ही तरह आदि कैलाश यात्रा का भी शुभारंभ दिल्ली से होता है। दूसरे दिन यात्रा दिल्ली से काठगोदाम पहुंचती है। उसी दिन अल्मोड़ा में रात्रि विश्राम कर तीसरे रोज यात्रा वाया सेराघाट होते हुए धारचूला के लिए पातालभुवनेश्वर मंदिर के दर्शन कर यात्री विश्राम डीडीहाट में करती है। अगले दिन डीडीहाट से धारचूला पहुंचती है। यात्रा का धारचूला तक का सफर केएमवीएन बस से होता हैं। जबकि इससे आगे का सफर चालीस किमी कच्ची सड़क में छोटी टैक्सियों से लखनपुर तक की जाती है। इस बीच तवाघाट, मांगती, गर्भाधार जैसे कई पड़ाव पड़ते है। लखनपुर के बाद का यात्रा रूट पैदल ही नापना पड़ता है। आगे का सफर बुद्धि, छियालेक, गंुजी, कुट्टी होते हुए जौलीकांग पार्वती सरोवर पहुंचती है। पार्वती सरोवर में यात्रियों द्वारा स्नान करने के बाद यात्री गौरी कुंड पहुंच कर यात्रा वापसी करती है। वापसी के वक्त यह यात्री दल नांभी में एक होम स्टे कर कालापानी नांभीडांग होते हुए ओम पर्वत के दर्शन करने पहुंचता है। फिर इसी रूट से दल रिटर्न होकर धारचूला पहुंचता है।

To Top