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    राशिफल व पञ्चांग 12 फरवरी 2019

    11-02-2019 21:45:17


    कोटद्वार । जनपद पौड़ी गढ़वाल में रविवार को जिलाधिकारी सुशील कुमार के निर्देशन पर जिला प्रशासन द्वारा आईआरएस सिस्टम को सक्रिय भूमिका से अपने दायित्वों को जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन करने हेतु मॉकड्रिल की गई। जिसमें प्रातः  8.52 बजे एक बस दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना पर आईआरएस सिस्टम से जुड़े सभी संबंधित अधिकारी अपनी भूमिका का निर्वहन करने हेतु जिला आपदा परिचालन केंद्र में एकत्रित हुये। आईआरएस सिस्टम के एलर्ट होते ही सभी अधिकारी 5 से 10 मिनट के भीतर कार्य में जुट गये। मॉकड्रिल बस दुर्घटना के दौरान राहत व बचाव अभियान चलाने को लेकर आयोजित किया गया।
     कंट्रोल रूम में प्राप्त सूचना के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त बस में 50 लोग सवार थे। दुर्घटना में आठ लोगों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। जिनमें दो महिला, तीन पुरूष तथा तीन बच्चे शामिल हैं। जबकि 22 गंभीर घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जिनमें से दो गंभीर घालयों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वहीं 20 अन्य सामान्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी। जिला आपदा परिचालन केंद्र से प्रातः 8.52 बजे पौड़ी- देवप्रयाग मोटर मार्ग पर एक बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही सभी अधिकारी आपदा परिचालन केंद्र में एकत्रित हो गये। जहां पर अपर जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा ने पौड़ी- देवप्रयाग मोटर मार्ग पर कंडीधार के समीप बस दुर्घटना की जानकारी देते हुए आईआरएस सिस्टम को एलर्ट किया। इनसिडेंट कमांडर, मुख्य विकास अधिकारी दीप्ति सिंह ने कंट्रोल रूम में पहंुचते ही आईआरएस सिस्टम की कमान संभालते हुए घटना को लेकर नवीनतम सूचना के साथ राहत एवं बचाव कार्य में मांग के अनुरूप दी जाने वाली सुविधा मुहैया कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। जिस पर अधिकारियों ने अपने दायित्वों का बखुबी निर्वहन किया। घटना स्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू टीम ने तेजी के साथ राहत व बचाव अभियान प्रातः 9.35 बजे से चलाना शुरू किया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी एवं उप जिलाधिकारी घटना स्थल भी घटनास्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य का संचालन सफलता से संचालित करवाते हुए प्रातः 11.06 बजे अभियान सम्पन्न किया। राहत व बचाव कार्य में स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन व जिला पूर्ति द्वारा बेहतर सुविधायें मुहैया करायी गयी। एक और जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के साथ आपदा प्रबंधन व संबंधित विभागों द्वारा राहत शिविर आदि स्थापित कर घटना स्थल पर लोगों को पेयजल व खाद्यान्न आदि मुहैया कराये। वहीं घटनास्थल क्षेत्र पर तैनात कर्मचारी एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि तथा स्वयंसेवियों ने भी अपना सहयोग प्रदान किया। जिला आपदा परिचालन केंद्र में मुख्य कोषाधिकारी लखेंद्र गोथियाल, डीपीआरओ एमएम खान, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक हरेराम यादव, मुख्य कृषि अधिकारी डा0 देवेंद्र सिंह राणा, एपीडी सुनील कुमार, एटीओ नंदन सिंह खत्री, एडीएसटीओ रंणजीत सिंह रावत, एमओआईसी डा0 रमेश कुमार आदि उपस्थित रहे।